चंडीगढ़.
हिमाचल प्रदेश के कबाइली लोग बुधवार को पहली बार सबसे पहले अपने मताधिकारों का प्रयोग कर रहें है। प्रदेश के तीन कबाइली विधानसभा हलकों को अपनी ‘स्वतंत्र चॉयस’ को पहली बार व्यक्त करने का मौका मिल रहा है। प्रदेश के कबाइली इलाकों में अब तक मतदान या तो एक साथ (बाकी इलाकों के साथ) या 65 इलाकों का चुनाव परिणाम घोषित हो जाने और सरकार बन जाने के बाद हुआ है।
1100 जवान तैनात: मतदान के लिए होमगार्डस सहित 1100 जवान तैनात किए गए हैं। चुनाव के दौरान आईटीबीपी, दीपक प्रोजेक्ट व बीआरओ की भी मदद ली जा रही है। डीजीपी अश्विनी कुमार ने बताया कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए पुलिसबलों को खास हिदायतें दी गई हैं।
ट्राइबल एरिया में अवकाश : तीनों ट्राइबल एरिया में 14 नवंबर को सभी सरकारी संस्थान, बोर्डे व निगमों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह अवकाश दिहाड़ीदार कर्मचारियों के लिए भी रहेगा।
मौसम का असर:
बुधवार को पहले की अपेक्षा मतदान कम रहने की संभावना है। कबायली क्षेत्रों के करीब 40 फीसदी लोग अक्टूबर अंत अथवा नवंबर के पहले सप्ताह मैदानी इलाकों को पलायन कर जाते हैं। मौसम भी अब तक काफी सर्द हो चुका है और लाहौल-स्पीति तथा पांगी के कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चल रहा है। आयोग के पास रहेगा सरकार का हेलिकॉप्टर: चुनाव विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार का हेलिकॉप्टर 13 से 18 नवंबर तक आयोग के पास रहेगा।
ईवीएम को 15 से 17 नवंबर को हेलिकॉप्टर से मतगणना वाले स्थानों के लिए लाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीषा नंदा ने बताया कि केलंग तथा काजा में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम एवं चुनाव सामग्री को कुल्लू, भरमौर क्षेत्र के किलाड़ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भरमौर, पांगी में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम को भरमौर के मिनी सचिवालय में रखा जाएगा।
कुल्लू में होगी लाहुल की काउंटिंग:
लाहुल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के लिए मतगणना कुल्लू में होगी। चुनाव के बाद ईवीएम को कुल्लू जिले के लोअर विंग खोरी रोपा प्राइमर स्कूल में रखा जाएगा। मतगणना भी इसी स्कूल में 28 नवंबर को की जाएगी।