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इंदौर. कभी रिकॉर्ड तोड़ बारिश तो कभी भीषण गर्मी, कभी अचानक तापमान गिरने लगता है तो कभी ठंड गायब हो जाती है। इसे समझने के लिए 17 से 19 दिसंबर 07 को देशभर से लगभग 300 मौसम विज्ञानी और पर्यावरणविद् जुटेंगे।
मौसम विभाग, मिनिस्ट्री ऑफ साइंस, मैपकॉस्ट सहित पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार में ग्लोबल वार्मिग व मौसम के बदलते पैमानों पर चर्चा होगी।
मौसम विभाग के निदेशक डॉ. डी.पी. दुबे ने बताया मौसम में बदलाव हो रहा है। जिन पैमानों के आधार पर अनुमान लगाया जाता रहा है वे बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है इस पर शोध पत्र प्रस्तुत होंगे और चर्चा भी होगी। इसी आधार पर केंद्र-राज्य सरकार को सुझाव भेजे जाएंगे।
जाने कहां दुबक गई सर्दी
ठंड की आहट तो बड़े दिनों से सुनाई दे रही है लेकिन आधा नवंबर बीतने ककेबाद भी पारा गिरने का नाम ही नहीं ले रहा है। हालांकि बुधवार को एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
यों तो नवंबर आते-आते ही ठंड का रंग जम जाता है और सुबह-शाम शीतलहर चलती है। दोपहर की गुनगुनी धूप भी सुहाने लगती है लेकिन इन दिनों धूप सता रही है। हालांकि सुबह-शाम कुछ ठंडक हो जाती है। स्वेटर्स या बक्सों से निकले ही नहीं और जो निकल गए वे गाड़ियों की डिक्की में ही रह जाते हैं। 12, 13 नवंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
14 नवंबर को अधिकतम तापमान 31.4 और न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. दुबे के अनुसार जम्मू-कश्मीर में बर्फ बारी के कारण उत्तर से आने वाली हवाएं इंदौर व मालवांचल को ठंडा करती हैं।
इस बार वहीं शुरुआत नहीं हुई। अभी भी दक्षिण से गर्म हवाएं आ रही हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के ऊपर हवा में चक्रवात बना हुआ था जो एक-दो दिन में कमजोर पड़ जाएगा। अब नवंबर के आखिरी सप्ताह में ही ठंड बढ़ने की संभावना है।