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संपत्ति विवाद में घिरे दिलावर

जयपुर. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे विरोधी गुट के प्रमुख नेता व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मदन दिलावर संपत्ति विवाद में घिर गए हैं। दिलावर के खिलाफ MADAN DILAWARउनकी संपत्ति को लेकर कागजात बांटे गए हैं। हालांकि दिलावर का दावा है कि वे अपनी सम्पत्ति का खुलासा कर चुके हैं। इसके अलावा एक भी संपत्ति कोई बता दें तो वे उसे सरकार को समर्पित कर देंगे। दिलावर ने यहां आनन-फानन में संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि भ्रष्ट, चरित्रहीन लोग उनके खिलाफ कुप्रचार कर रहे हैं। वे यह सिद्ध करना चाहते हैं कि सरकार में बैठे सभी लोग भ्रष्ट है।

कुछ पत्रकारों के पास पिछले दिनों से बड़ा लिफाफा डाक से आया। इसमें दिलावर की कथित संपत्ति का जिक्र किया गया है। इन कागजात को एक पुस्तक की शक्ल दी गई है। इसका नाम ‘हाट बाजार के थड़ी दुकानदार से बना अरबपति राजनेता- तथ्यों पर एक नजर’ रखा गया है। इनमें दिलावर और उनके परिजनों के नाम करीब साढ़े तीन सौ बीघा जमीन, करीब दस प्लॉट, करीब आधा दर्जन मकान-बंगले, गैस एजेंसी, दो पेट्रोलपंप बताए गए है। इसमें कहा गया है कि दिलावर ने उक्त संपत्तियां अवैध तरीके से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कमाई है।

इसके अलावा दिलावर की कई चीजों में पार्टनरशिप होने का दावा भी किया गया है। दो टैंकर और भाई कृष्णमुरारी दिलावर के नाम भी कई संपत्तियां होने का इन कागजातों में जिक्र है।

दिलावर ने बताई 67 लाख की आय
1990 में पहली बार विधायक बनें दिलावर की 17 सालों में करीब 67 लाख रुपए की आय हुई। इसमें से 35 लाख रुपए वेतन के रूप में मिले।

आरोप: 100 करोड़ की संपत्ति का
दिलावर की संपत्ति करीब एक अरब से ज्यादा की बताई गई है। इसमें से करीब 50 करोड़ रुपए की जमीन तो बारां जिले के नागौरी, खटाका, निवाई और समरानिया गांव के पास ही बताई गई है।

दिलावर के जवाब
* आपके खिलाफ अवैध तरीके से संपत्तियां अर्जित करने के आरोप हैं?
- यह मेरी भी जानकारी में आया है कि कुछ लोगों ने मेरी संपत्ति को लेकर कागजात बंटवाए हैं। * इतनी संपत्ति आपके पास कहां से आई?
- इन कागजातों में दी गई आधी से ज्यादा जानकारी झूठी है। एक बार पहले भी मेरे खिलाफ साजिश रची गई थी और कुछ लोगों ने मेरे पास भारी संपत्ति होने का दावा किया था। उस समय में मैंने मुख्यमंत्री, प्रतिपक्ष के नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर जांच का अनुरोध किया था। उसी समय सभी कलेक्टरों को एक पत्र लिखा था कि मेरे या मेरे परिजनों के नाम कोई संपत्ति हो तो उसका खुलासा करें। सभी कलेक्टरों की रिपोर्ट मेरे पास आ गई है। जो संपत्ति मैंने पिछले दिनों घोषित की थी, उससे एक इंच भूमि भी अधिक नहीं है। अगर किसी में दम है तो वे उनके सामने आकर आरोप लगाए। पीठ के पीछे हरकतें करने वाले कमजोर लोग होते हैं।

* फिर आपको कौन बदनाम कर रहा है? क्या कोई साथी मंत्री है या मुख्यमंत्री विरोधी होने के कारण ऐसा हो रहा है? - मुझे बदनाम करने वाले भ्रष्ट और चरित्रहीन लोग है। वे यह दिखाना चाहते है कि वे ही नहीं, सभी भ्रष्ट है। ऐसा करने वाले साथी मंत्री है या नहीं, वे इस समय ऐसा कुछ नहीं कह सकते। मेरे खिलाफ इस तरह का षड्यंत्र करने वाले इसी के समकक्ष कोई होंगे।

* इतने गंभीर आरोप के बाद अब आप क्या कर रहे हैं?
- उनका आयकर विभाग और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अनुरोध है कि वे आकर जांच कर लें। कोई और भी चाहे तो जांच कर लें। अगर उनकी घोषित संपत्ति ज्यादा निकले तो उन्हें दंडित किया जाए।

* संपत्ति को लेकर आपका दावा और वितरित कागजों में काफी अंतर है? - जो चाहे जांच कर लें। कई ऐसी संपत्तियां मेरी बताई जा रही है, जिसके बारे में मैंने भी कभी कुछ नहीं सुना। कुछ जमीनों की कीमतें तो कई गुणा बढ़ाकर बता दी गई है। मैं आगे चल अपनी संपत्ति घोषित कर रहा हूं। किसी को आपत्ति हो तो सामने आकर बात कर लें।





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