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कोच बिना कैसा खिलाड़ी

बीकानेर. राजकीय सादरूल स्पोर्ट्स उच्च माध्यमिक विद्यालय की गवर्निग काउंसिल की बैठक अब 27 नवंबर को माध्यमिक शिक्षा आयुक्तालय में होगी।

गवर्निग काउंसिल की बैठक 15 नवंबर को होनी थी लेकिन शिक्षा आयुक्त की व्यस्तता के कारण यह बैठक आगे खिसका दी गई है। बैठक में स्कूल में व्याख्याता, कोच की नियुक्तियों सहित कई प्रशासनिक कार्यो के प्रस्ताव पास कर राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। राजस्थान में प्रतिभावन खिलाड़ियों को तराशने के लिए यह एक मात्र स्कूल है, जो सरकारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है।

राज्य के तत्कालीन वित्त एवं खेल मंत्री चंदनमल बैद की 12 अगस्त 1982 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में की गई घोषणा के बाद इस स्कूल को शुरू किया गया था। पूर्व में यह पब्लिक स्कूल ही था। स्कूल में 12 तरह के खेल रखे गए।

शुरुआत में सभी खेलों के कोच और पर्याप्त मात्रा में बजट होने के कारण कई सालों तक स्कूल की परफोर्मेस राजय व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रही लेकिन पिछले पांच-छह साल से कोच व शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल का ढांचा चरमराने लगा है। अब हालत यह है कि स्कूल में 168 होस्टलर और 46 ही डेस्कोलर विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कभी यह आंकड़ा सैकड़ों में हुआ करता था।

स्कूलों की दशा सुधारने के लिए गवर्निग काउंसिल की बैठक का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। इस बैठक में ही लेक्चरर और कोच के प्रस्ताव पास कर राज्य सरकार को भेजे जाने हैं।

चार खेलों के कोच नहीं
स्पोर्ट्स स्कूल में कुल 12 खेल हैं, जिनमें से खोखो, हैंडबॉल और जिम्नास्टिक के कोच लंबे समय से नहीं है। वॉलीबाल के कोच उम्मेदसिंह पिछले माह रिटायर हो गए। अब यह पद भी रिक्त हो गया है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) ने टूर्नामेंट को देखते हुए तृतीय श्रेणी पीटीआई ज्योति प्रकाश रंगा, विजय लक्ष्मी व्यास तथा असगर को कुछ समय के लिए प्रतिनियुक्ति लगाया है लेकिन एनआईएस ट्रेंड नहीं है और शीघ्र ही वापस रिलीव हो जाएंगे। इसी प्रकार प्राचार्य का पद फरवरी से रिक्त है। टीटी कॉलेज के प्राचार्य उपनिदेशक बलवंतसिंह मेहता के पास इसका अतिरिक्त चार्ज है। आरएचएम, चित्रकला, वाणिज्य और राजनीतिक विज्ञान के लेक्चरर तथा सेकंड ग्रेड संस्कृत शिक्षक का पद रिक्त पड़ा है।

द्वितीय श्रेणी और एनआईएस ट्रेंड चाहिए
प्रशिक्षक के लिए शिक्षा विभाग में योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। प्रशिक्षक पद की पदोन्नति के लिए द्वितीय ग्रेड शारीरिक शिक्षक के साथ एनआईएस ट्रेंड होना जरूरी है, जो शारीरिक शिक्षक द्वितीय ग्रेड में है वह एनआईएस नहीं है। और जो एनआईएस ट्रेंड है वह द्वितीय ग्रेड में नहीं है। इसी वजह से प्रशिक्षकों के पद नहीं भरे जा रहे हैं, जबकि छात्रों को कोच विहीन खेलों में प्रवेश दिया जा रहा है।

दिया तले अंधेरा
स्पोर्ट्स स्कूल की स्थिति दिया तले अंधेरा वाली बनी हुई है। शिक्षा का मुख्यालय बीकानेर में है और स्कूल से उसकी दूरी कुछ ही फर्लाग पर है फिर भी इस स्कूल की दशा सुधारने के प्रयास नहीं हो पाए हैं। स्पोर्ट्स स्कूल आवासीय है, जिसमें मात्र एक ही प्रशिक्षक रहता है। रात्रि के समय खिलाड़ी छात्रों की देखभाल करने वाला कोई नही हैं।

बढ़ेगा मैस भत्ता
स्पोर्ट्स स्कूल के छात्रों का मैस भत्ता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। छात्रों को मैस भत्ता 30 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए करने के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। इन प्रस्तावों को वित्त विभाग की स्वीकृति का इंतजार है। मैस भत्ता बढ़ने से छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

* गवर्निग काउंसिल की बैठक 27 नवंबर को रखी गई है। बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा कर प्रस्ताव पास किए जाएंगे, जिन्हें राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उम्मीद है स्कूल में कोच और लेक्चरर के रिक्त पद शीघ्र भरे जा सकेंगे।
-बलवंतसिंह मेहता, कार्यवाहक प्राचार्य, सादरूल स्पोर्ट्स स्कूल

* सादरूल स्पोर्ट्स स्कूल राज्य का एकमात्र स्कूल है, जो सरकारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। सरकार ने यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया तो अभिभावकों व बच्चों को स्कूल से मोहभंग हो जाएगा। खेलों में राज्य का नाम ऊंचा करने के लिए स्कूल में कोच लगाने अत्यंत आवश्यक हैं।
-नानूसिंह सांखला, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ





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