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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. शिक्षा संचालयनालय के करीब फोटोकापी दुकान में आज दिलचस्प नजारा था। वहां खुलेआम शिक्षकों की पदोन्नति आदेश की फोटोकाफी बिकती रही। अफसर भी हैरान हैं कि सीलबंद लिफाफे में बंद आदेश की प्रति वहां कैसे पहुंची?
सूत्रों ने बताया कि शिक्षा संचालनालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुपचुप तहकीकात शुरु कर दी है। बताते हैं कि आदेश की कापी लीक करने के मामले में संचालनालय के कुछ अफसर और कर्मी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
उनके खिलाफ पुख्ता प्रमाण जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक अफसर ने बताया कि फोटो कापी दुकान संचालक और संचालनालय के अधिकारी-कर्मी के बीच लिंक का पता लगाया जा रहा है। खबर है कि संचालनालय के अधिकारियों ने बुधवार को देर शाम कुछ कर्मियों से पूछताछ भी की।
फोटो कापी दुकान संचालनालय के सामने स्थित है। सरकारी दीवार को तोड़कर इस दुकान तक जाने का रास्ता बनाया गया है। बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद जैसे ही प्राचार्य का आदेश फोटो कापी दुकान में उपलब्ध होने की बात लीक हुई, उसके बाद वहां भीड़ सी लग गई।
शिक्षा संचालनालय ही नहीं, डीईओ आफिस और माशिमं के कर्मचारी भी 21-21 रुपए में आदेश की प्रति प्राप्त करने पहुंचने लगे। इस संवाददाता ने भी 21 रुपए में एक कापी खरीदी। 11 पेज के आदेश की कापी का प्रति पेज 1 रुपए के हिसाब से 11 रुपए और 10 रुपए अतिरिक्त चार्ज लिया जा रहा था।
क्या है मामला
राज्य शासन ने दिवाली के पहले 304 व्याख्याताओं और शिक्षकों को प्राचार्य के पद पर पदोन्नत किया है। उनकी नियुक्ति के आदेश 7 नवंबर को मंत्रालय से शिक्षा संचालनालय पहुंच गए हैं।
शिक्षा संचालनालय से आदेश की कापी प्रत्येक जिले के शिक्षा अधिकारियों को भेजी जाएगी। वहां से विकासखंड स्तर पर आदेश भेजे जाएंगे। उसके बाद संबंधित शिक्षकों व व्याख्याताओं को कापी मिलेगी। अभी जिलों में कापी भेजी ही नहीं गई है और दुकान में बिकने लगी।
क्या कहते हैं अफसर
शिक्षा संचालनालय के संयुक्त संचालक एलएस मरावी का कहना है कि कुछ जिलों में आदेश की कापी सीलबंद लिफाफे में भेजी गई है। इसके बावजूद फोटोकापी दुकान में आदेश की कापी बिकना गंभीर बात है। इसकी जांच की जाएगी।