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जोधपुर. केंद्र सरकार ने 35 वर्ष से अधिक आयु के अनपढ़ लोगों को साक्षर बनाने से इनकार कर दिया है। 11वी पंचवर्षीय योजना में इन लोगों को अभियान के दायरे से हटा दिया गया है।
नई योजना के तहत साक्षरता कार्यक्रम में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के 1.81 करोड़ व जोधपुर संभाग के 3.55 लाख लोग साक्षर होने से वंचित हो जाएंगे। मौजूदा बजट में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के लिए महज 6 हजार करोड़ रुपए आबंटित कर योजना आयोग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, दिल्ली को मंझधार में खड़ा कर दिया है। 1988 में शुरू हुए साक्षरता मिशन कार्यक्रम के लिए लगातार बजट में कटौती की जाती रही है।
कटौती का असर
बजट आबंटन में कमी का विपरीत असर राजस्थान में व्यापक स्तर पर पडेगा। नए दिशा निर्देश के कारण 11वीं पंचवर्षीय योजना में 85 फीसदी साक्षरता दर का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं हो पाएगा। संभाग में 35 वर्ष से अधिक आयु के 3.55 लाख निरक्षर में से 70 फीसदी महिलाएं है।
* पूर्व में संचालित हो रहे कार्यक्रम में 15 से 35 वर्ष तक के युवाओं के लिए ही साक्षरता अभियान चलाया जा रहा था, इसमें 35 वर्ष से अधिक आयु वाले अपनी इच्छा से ही शामिल होते थे, अब इन पर सरकार कोई खर्चा नहीं करेगी। जोधपुर जिले में करीब एक लाख ऐसे लोग निरक्षर हैं, इनमें 70 फीसदी महिलाएं हैं।
—मोहम्मद इदरीस, जिला सतर्कता साक्षरता अधिकारी, जोधपुर जिला