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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. दीपावली के बाद जिले की समितियों में धान आने की रफ्तार तेज हुई है। त्योहार से निपटने के बाद मिसाई काम एक बार फिर शुरू हुआ है, वहीं जिन लोगों ने मिसाई कर ली है वे बेचने के लिए समितियों तक धान लाने लगे हैं।
दीवाली के पहले तक जिले की 50 समितियों में सात हजार क्विंटल धान ही पहुंचा था। सोमवार से बुधवार तक धान की आवक अचानक तेज हुई है। आज की स्थिति में जिले की 136 समितियों में से 102 समितियों में 47 हजार 309 क्विंटल 96 किलो धान खरीदा जा चुका है। इसमें मोटा धान 14 हजार 570 क्विंटल 76 किलो, पतला धान 32 हजार 381 क्विंटल और स्वर्णा 493 क्विंटल शामिल है।
जिन शाखाओं की समितियों में धान आ रहा है उनमें मंडी और मुख्य शाखा सहित तखतपुर, पेंड्रारोड, बेलतरा, मस्तूरी, सरकंडा, सरगांव, पथरिया, मुंगेली, लोरमी, करगीरोड, बिल्हा, रतनपुर, सीपत, मरवाही और लोहर्सी की समितियां शामिल हैं। धान की आवक तेज होने के साथ ही जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
समितियों में पहली बार आन-लाइन खरीदी होने के कारण शासन की ओर भी व्यवस्था पर लगातार निगाह रखने को कहा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहायक विपणन संघ के प्रबंध संचालक गौरव द्विवेदी ने सभी कलेक्टरों को इस बाबत पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय टीम गठित की जाए।
यह टीम सभी केंद्रों में जाकर वहां कंप्यूटर के साफ्टवेयर या हार्डवेयर संबंधी दिक्कतों का निराकरण करेगी। इसमें राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) के सूचना अधिकारी, विपणन संघ के सहायक प्रोग्रामर, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रभारी, कप्यूटर संबंधी तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को शामिल करने को कहा गया है।
निरीक्षण के दौरान जिन कंपनियों ने समितियों को कंप्यूटर सप्लाई किए हैं, उनके प्रतिनिधि या तकनीकी कर्मचारियों को भी शामिल करने को कहा गया है। कंप्यूटर में किसी तरह की दिक्कत या गड़बड़ी होने पर इनकी मदद से तत्काल इसे दूर करने को कहा गया है ताकि रोजाना होने वाली डाटा एंट्री में रुकावट न आए।
स्वर्णा की आवक सबसे कम:
समितियों में अब तक मोटे और पतले धान की आवक ही ज्यादा हो रही है। स्वर्णा धान लेट वेरायटी होने के कारण कुछ ही समितियों तक पहुंचा है, वह भी काफी कम मात्रा में। जिन 102 समितियों में खरीदी हुई है, उनमें से सिर्फ सात समितियों में 493 क्विंटल स्वर्णा धान ही पहुंचा है। इसमें से चकरभाठा की समिति में तो सिर्फ तीन क्विंटल स्वर्णा धान बिकने आया।
तीन करोड़ 39 लाख रुपयों का भुगतान
धान बेचने के एवज में समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक तीन करोड़ 39 लाख 46 हजार रुपयों का भुगतान किया गया है। शासन की ओर से भुगतान के लिए पहली किस्त के तौर पर 50 लाख रुपए मिले थे। दूसरी किस्त बतौर दो करोड़ मिले।
इसके बाद आज ही तीसरी किस्त में दो करोड़ रुपए और दिए गए हैं। खरीदी संबंधी पूरी जानकारी प्रतिदिन रायपुर भिजवाई जा रही है। इसके अलावा नेट पर भी इसके आंकड़े उपलब्ध हैं। इसे देखकर सचिवालय से तुरंत ही राशि जारी की जा रही है।
इससे इस बार भुगतान में परेशानी नहीं है। किसानों को खरीदी के दिन ही चेक जारी किए जा रहे हैं। जब तक वे क्लीयरेंस के लिए बैंक में राशि जमा करते हैं, तब तक संबंधित सभी बैंकों में भुगतान की रकम जमा कर दी जाती है।