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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. मुख्य तकनीकी परीक्षक भोपाल (सतर्कता) के पत्र ने ग्वालियर सेन्ट्रल जेल में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए निर्माण कार्यो पर प्रश्न चिह्न् लगा दिए हैं। मुख्य तकनीकी परीक्षक ने जेल जैसे संवेदनशील स्थान में कराए गए निर्माण कार्यो की क्वालिटी असंतोषजनक बताई है साथ ही यह कार्य कराने वाले तत्कालीन कार्यपालन यंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
मुख्य तकनीकी परीक्षक ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को 7 सितंबर को लिखे पत्र में कहा है कि जेल में कराए गए कार्यो को कार्यपालन यंत्री द्वारा सात भागों में विभाजित कर बिना सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पीछे उन्होंने कारण कार्य को शीघ्र पूरा करना बताया है।
मुख्य तकनीकी परीक्षक ने स्थिति साफ करते हुए लिखा है कि कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति के पांच माह बाद तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है और कार्य पूर्ण करने की अवधि भी दस माह रखी गई। जबकि मुख्य अभियंता कार्यालय ग्वालियर में ही मौजूद है तो इतने समय में अंतिम तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की जा सकती थी।
पत्र में लिखा गया है कि नियमावली के पैरा 2्र.006 के नोट 3 के अनुसार यह प्रकरण गंभीर अनियमितता का है, संबंधित कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर विवरण सहित संगठन को अवगत कराया जाए।
इसके अलावा पत्र में यह भी लिखा गया है कि सौ मीटर मोटाई की पार्टीशन वाल में मापदंड के अनुसार लोहे की छड़ें लगी हुई नहीं पाई गई हैं, इसलिए संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी तरह ईंटों के 17 फरवरी 06 के तीनों परीक्षण परिणामों में तीन में से एक-एक की स्ट्रेंथ कम पाई गई है।
यह भी बताईं कमियां
बेस कांक्रीट में सेटिंग की कमी एवं गिट्टी हेंड ब्रोकन पाई गई।
एम 20 कांक्रीट के परीक्षण परिणामों में कास्टिंग व टेस्टिंग दिनांक एवं परिणाम की स्थिति भ्रमात्मक है।
मुख्य अभियंता आरडीडी भोपाल की ड्राइंग बीडी 80/बैरिक्स/ग्वा/डस्ल्फ/2 के अनुसार कार्य कराना सूचित किया गया। यह ड्राइंग इस कार्य हेतु जारी किया जाना प्रतीत नहीं होता।
>> नियमानुसार ज्यादा राशि के कार्यो की जांच मुख्य तकनीकी परीक्षक करते हैं, उन्होंने अपनी रिपोर्ट मुझे भेजी है, उसमें कुछ कमियों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है, संबंधित कार्यपालन यंत्री के खिलाफ नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी।
वैदेहीशरण शर्मा,मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी