इंदौर. हीरानगर थाने में पुलिस हिरासत में पिटाई से हुई घनश्याम मंडलोई की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी निलंबित टीआई डी.पी. अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार शाम को पुलिस को सूचना थी कि श्री अहिरवार अपने एक परिचित के साथ रीगल टॉकिज के पास गाड़ी में सवार है।
इसके बाद एक सीएसपी के साथ पुलिस दल मौके पर पहुंचा और उन्हें ठीक उसी अंदाज में गिरफ्तार किया जैसे आम आदमी को किया जाता है। बाद उन्हें एक थाने ले जाया गया। शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी अंशुमान यादव ने कहा उनकी विधिवत गिरफ्तारी की गई है।
यह था मामला
19 अक्टूबर को थाने के पुलिसकर्मी घनश्याम को चोरी के मामले में पकड़कर लाए थे और टीआई की मौजदूगी में उसकी पेड़ से बांधकर पिटाई की थी। इस दौरान वह पानी मांगते रहा और पुलिसकर्मी दो-दो बूंद टपकाते रहे। बाद में रात को ही उसकी मौत हो गई थी।
दूसरे दिन आक्रोशित लोगों ने हीरानगर थाने को तोड़फोड़ के बाद फूंक दिया और कई वाहनों में आग लगा दी थी। मामले में टीआई सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था जबकि एक को लाइनअटैच किया। इसके दो दिन बाद पुलिस ने टीआई सहित पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया।
घटना के बाद खाती समाज सहित अनेक संगठनों द्वारा आंदोलन किए गए। इसके साथ ही मजिस्ट्रियल, न्यायिक और सीएसपी (धार) तीन जांचें एक साथ चल रही हैं। मजिस्ट्रियल जांच में आरोपियों को उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजे गए थे जो तामिल नहीं हुए। इसके लिए 16 नवंबर को आखिर मौका दिया गया था।
इस बीच श्री अहीरवार ने निचली अदालत में दो बार अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी जो नामंजूर हो गई। चार दिन पहले हाईकोर्ट ने भी अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी। इधर, मामला गृह मंत्री, मानव अधिकार आयोग और पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा। आयोग ने कई सवालों पर आईजी से स्पष्टीकरण मांगे। तब से ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव था।