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उद्योगों की सुविधा के लिए नीति बदली

भोपाल. राज्य मंत्रिपरिषद ने उद्योग संवर्धन नीति 2004 एवं कार्ययोजना में आवश्यक संशोधन करते हुए उद्योगों को अनेक सुविधाएं और छूट प्रदान की है। गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के निर्णय के साथ ही स्वतंत्र पंचायत राज संचालनालय के गठन और गन्ना नीति को मंजूरी दी गई।

आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार के लिए काम्प्रिहेंसिव रिस्पोंस यूनिट्स स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रिपरिषद ने सरकारी कर्मचारियों को भी अनेक सुविधाओं से नवाजा है।जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में उद्योग विभाग के विभागीय ढांचे का विकेंद्रीकरण करते हुए संभाग स्तर पर क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है।

बीमार उद्योगों के अधिग्रहण पर विशेष पैकेज के तहत दी जाने वाली सुविधाओं में भूमि हस्तांतरण शुल्क से छूट दिए जाने की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा बीमार लघु उद्योगों की पुनर्वास योजना तथा विशेष पैकेज में उल्लिखित स्टाम्प ड्यूटी से छूट संबंधी सुविधा को स्पष्ट करते हुए फैसला किया गया कि ऐसी छूट लीज पर दी गई भूमि के हस्तांतरण पर ही दी जाएगी।

एक अन्य निर्णय के अनुसार श्रम कल्याण के लिए एनपीआरआई एक्ट को समाप्त करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। श्रमिकों के कल्याण के लिए वेलफेयर सेंटर, रात्रि विश्राम गृह और ईएसआई अस्पताल खोले जाएंगे। बायो टेक्नालाजी उद्योगों में 25 करोड़ या उससे अधिक के मेगा प्रोजेक्ट में स्थापित होने वाले कैप्टिव पावर संयंत्रों को उत्पादित होने वाली विद्युत पर विद्युत शुल्क से छूट प्रदान की जाएगी।

श्री शर्मा के अनुसार मंत्रिपरिषद ने स्वतंत्र पंचायत राज्य संचालनालय व नई गन्ना नीति को भी मंजूरी दी है। संचालनालय के लिए आयुक्त और संचालक सहित 24 पदों का निर्माण किया जाएगा। गन्ना नीति के तहत किसान और फैक्ट्री के बीच गन्ना उत्पादन एवं उसके क्रय पर अनुबंध अनिवार्य होगा। पूर्व से स्थापित शुगर मिल के 15 किमी की परिधि के भीतर नई शुगर मिल स्थापित न करने का निर्णय भी लिया गया।

कैबिनेट ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार हेतु काम्प्रिहेंसिव रिस्पांस यूनिट्स की स्थापना का फैसला भी किया है। इसके लिए इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, हैदराबाद के साथ करार किया जाएगा। इसमें प्रथम चरण में मार्च, 08 तक 400 और मार्च, 09 तक 700 एंबूलेंस प्राप्त कर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा सुलभ की जाएगी।

इसके अलावा शासकीय सेवकों के स्थानांतरण पर निजी सामान की ढुलाई के लिए वर्ष 1996 से लागू दरों में वृद्घि का फैसला भी लिया गया है। सरकारी अधिकारियों को उपलब्ध लैंड लाइन फोन सेवा में ब्राड बैंड की सुविधा देने के लिए 250 रुपए का अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं के कुछ मामलों में लगभग एक दर्जन अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्घ कार्रवाई का निर्णय भी परिषद ने लिया।





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