भोपाल.
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना ने सुर्खियों में छाए डंपर खरीदी मामले में गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उनकी पत्नी साधना सिंह, जेपी एसोसिएट्स के डायरेक्टर सन्नी गौर, तत्कालीन प्रमुख सचिव खनिज और आरटीओ रीवा सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
लोकायुक्त पुलिस राजधानी की एक विशेष अदालत के आदेश पर इस मामले की जांच कर रही है, जिसकी रिपोर्ट 14 दिसंबर को अदालत के समक्ष पेश की जानी है। इससे पहले गुरुवार को दिनभर अटकलों का बाजार गरम रहा और लोकायुक्त संगठन के आला अफसरों के बीच बैठकों के अनेक दौर चले। इसके बाद देर शाम एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया गया। लोकायुक्त पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।
इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) डी, 13 (1) ई, 13 (2) और आईपीसी की धारा 420, 467, 471 एवं 120 (बी) के तहत डीएसपी टीआर बाणवंशी ने अपराध दर्ज किया है।
हालांकि विशेष अदालत ने बुधवार को ही मामले की जांच के आदेश दे दिए थे, पर लोकायुक्त पुलिस के एसपी डॉ. केके लोहानी के इस दिन अवकाश पर होने के कारण कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकी।
स्वराज पुरी प्रकरण के रिकॉर्ड की तलाश
सूत्र बताते हैं कि एफआईआर दर्ज करने से पहले लोकायुक्त पुलिस ने पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी के प्रकरण की बारीकी से पड़ताल की। पिछले साल के इस मामले में भी विशेष अदालत के जांच के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
कब क्या हुआ (समूचा घटनाक्रम वर्ष 2007 का)
- 8 अक्टूबर- नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी ने लोकायुक्त में शिकायत की।
- 24 अक्टूबर- जमुनादेवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
- 2 नवंबर- सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की।
- 29 अक्टूबर- इटारसी निवासी रमेश के साहू द्वारा लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना के एसपी को शिकायत की गई।
- 13 नवंबर- श्री साहू ने विशेष न्यायाधीश एवं प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भोपाल को इस्तगासा सौंपा। जिस पर अदालत ने लोकायुक्त पुलिस को जांच के आदेश दिए।
- 14 नवंबर- श्री साहू के वकील द्वारा विशेष पुलिस स्थापना को कोर्ट के आदेश सहित दस्तावेज सौंपे गए।
क्या है मामला
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के नाम से चार डंपर खरीदकर जेपी सीमेंट रीवा में किराए पर लगाए थे। यह आरोप लगने के कुछ दिन बाद सीएम ने कहा कि आजीविका के लिए डंपर खरीदना और किराए पर लगाना कोई अपराध नहीं है।
जब इस मुद्दे पर विपक्ष ने बवाल मचाया कि गलत नाम-पता देकर ये डंपर पंजीकृत कराए गए हैं तो रातोंरात परिवहन विभाग की वेबसाइट बंद कर दी गई। इसके बाद डंपर जेपी सीमेंट रीवा को ट्रांसफर हो गए। फिर विपक्ष ने आरोप लगाया कि जेपी समूह के साथ सीएम के व्यवसायिक संबंध हैं।
बचाव में आगे आए मंत्री
उधर, गुरुवार को ही संपन्न राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद 27 मंत्रियों ने मुख्यमंत्री निवास पर जा कर श्री चौहान से मुलाकात कर कहा कि वे विरोधी दलों के दबाव में इस्तीफा न दें। उन्होंने श्री चौहान से भावावेश में कोई कदम न उठाने का आग्रह किया।
कांग्रेसियों ने दी गिरफ्तारी
इस घटनाक्रम के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गुरुवार की दोपहर नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी के नेतृत्व में विधायकद्वय हरवंश सिंह, आरिफ अकील सहित लगभग दो हजार कांग्रेसियों ने सीएम हाउस पर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी। वे मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।बाद में उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर धरना भी दिया।
तनाव मुक्त सीएम ने मैच का लुत्फ उठाया
ग्वालियर/भोपाल.
लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना में जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, उस समय वे अपनी पत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ ग्वालियर के कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में भारत-पाक मैच का लुत्फ उठा रहे थे।
मुकदमे की खबर मिलने पर भी उनके चेहरे पर कोई तनाव नहीं था। रात करीब नौ बजे स्टेडियम पहुंचे मुख्यमंत्री ने भारतीय बल्लबाजों की हौसला अफजाई भी की। सचिन तेंडुलकर जब सेंचुरी से चूककर पैवेलियन लौट रहे थे तो श्री सिंह ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
मैच के दौरान ही स्टेडियम में भास्कर प्रतिनिधि से खास बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह एक ऐसे मामले के पीछे पड़ी है जिसे सुनने से सुप्रीम कोर्ट पहले ही इनकार कर चुका है।
उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह ईमानदार हैं और उनकी न्यायपालिका एंव लोकायुक्त संस्था पर पूरी आस्था है। कांग्रेस द्वारा इस्तीफा मांगे जाने पर श्री चौहान ने कहा कि जो लोग नैतिकता की बात कर रहे हैं, उनकी केंद्र की सरकार में शामिल कई मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी सरकार विकास में लगी है, जबकि कांग्रेस का विकास से कोई वास्ता नहीं। इससे पहले, स्टेडियम पहुंचने पर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।