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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. भारत-पाक मैच के कारण शहर के कई रास्ते जाम की स्थिति में रहे। जाम लगने के कारण जहां मैच के दर्शक बिलंब से स्टेडियम तक पहुंचे वहीं शहर में इधर से उधर जाने वाले लोग भी परेशान रहे। जाम के हालात नागरिकों के लिए दोपहर तीन बजे तक दिक्कत पैदा करते रहे।
पड़ाव पुल :
पड़ाव स्थित ओवर ब्रिज पर सुबह 11 बजे से जाम के हालात पैदा हुए जो दोपहर तीन बजे तक हलके -भारी बने रहे। जाम लगाने वालों में उनकी भूमिका ज्यादा रही जो जल्दी से स्टेडियम पहुंचकर अपना मनपसंद स्थान सुरक्षित करना चाहते थे।
ओवरब्रिज पर रांग साइट से पास होने के कारण टेम्पो व आटो फंस गए जिससे लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया। पुल पर जाम लगा होने से दोपहर एक बजे भिंड से आई एम्बुलेंस को बमुश्किल वापस लौटकर बांया हजीरा होते हुए जयारोग्य अस्पताल का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। एम्बुलेंस में ग्राम पुर की एक युवती प्रसव पीड़ा के दौर से गुजर रही थी।
गांधी रोड
मुरार से बाड़ा व लक्ष्मीगंज जाने वाले टेम्पुओं का मार्ग परिवर्तित न होने के कारण वे हाई-वे के ट्रेफिक में सड़क परिवहन बस स्टैंड के पास दोपहर दो बजे लगे जाम में फंस गए। आकाशवाणी के पास लगे जाम में थल सेना के एक कमीशन्ड अधिकारी एनजी रंगा सपरिवार फंस गए।
उनकी कार को दोनोंे तरफ से भारी वाहनों ने घेर लिया जिससे वे गुस्से में आ गए और उन्होंने अपनी निजी कार से उतरकर तमाशबीन बने ट्रेफिक पुलिस के एक कर्मचारी को लताड़ लगाई।
यूनिवर्सिटी मार्ग :
मैच के कारण डायरेक्ट ट्रैफिक को एजी आफिस पुल होते यूनिवर्सिटी मार्ग होकर गुजारने की व्यवस्था भी व्हीकल क्राउड के कारण चरमरा गई। यूनिवर्सिटी गेट व गोविन्दपुरी चौराहे के पास वाहन फंसने से स्थानीय वे लोग परेशान हुए जो बदले गए मार्गो से शहर में इधर से उधर जा रहे थे।
यूनिवर्सिटी मार्ग पर जाम लगने से दोपहर डेढ़ बजे उन कर्मचारियों को परेशानी हुई जो मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी डच्यूटी पर रवाना हो रहे थे। उनकी अनुबंधित बसें गांधी रोड पर जाम में फंसने से यूनिवर्सिटी मार्ग तक नहीं पहुंच पाई थीं। मोबाइल पर बस की लोकेशन लेने के बाद टायर निर्माता कंपनी के दस कर्मचारी आटो रिक्शा में सवार होकर बस तक पहुंचे।
पड़ाव चौराहा :
लोको से पड़ाव चौराहे के बीच दोपहर एक बजे जाम लग गया जिसमें पब्लिक स्कूल की बसें, टेम्पो तथा टू व्हीलर व्हीकल कुछ समय तक फंसे रहे। जाम के कारण गांधी नगर आने-जाने वाले लोग परेशान हुए।
रेलवे स्टेशन जाने वाले नागरिकों भी खुला रास्ता नहीं मिला। गाटर वाली पुलिया मार्ग भी मैच के रस के कारण दोपहर में समय-समय पर बाधित रहा। शार्टकट रूट के कारण पड़ाव होकर मुरार, गोला का मंदिर जाने वाले वाहन इसी रास्ते से गुजरे थे।
स्टेशन रोड
मैच देखने के लिए ग्वालियर आए दर्शकों की उपस्थिति हव सेंटर के रूप में ज्यादातर स्टेशन रोड पर रहने से उनके निजी वाहन होटल व रेस्तरां के सामने खड़े होने से भी जाम की हालात बने रहे।
वाहन खड़ा करने के लगे तीस रुपए
रेलवे की खाली भूमि का उपयोग कर स्कूटर-साइकिल स्टैण्ड के ठेकेदार ने रेलवे को हजारों रुपए का चूना लगा डाला। वन डे क्रिकेट मैच देखने आए दर्शकों से चार रुपए की जगह तीस रुपए किराया लिया गया।
दोपहर ढाई बजे से शुरू होने वाले क्रिकेट मैच को देखने के लिए आने वाले दर्शकों को रेलवे स्टेशन की दो पहिया वाहन पार्किग सबसे नजदीक लगी। वाहनों की भीड़ आते देख अधिकृत दो पहिया वाहन ठेकेदार ने किराया अपनी मर्जी से बढ़ा दिया। दर्शकों से तीस रुपए प्रति वाहन किराया लेना शुरू किया गया और उसकी पर्ची तक नहीं दी गई।
सारे दो पहिया वाहन अधिकारी विश्राम गृह के पास खाली पड़ी भूमि पर लगाए गए। नियमानुसार रेलवे स्टेशन क्षेत्र में दो पहिया वाहन पार्किंग के चार रुपए लिए जाते हैं। वाहन भी वहां खड़े करना होते हैं, जहां पार्किग के लिए रेलवे ने जमीन आवंटित कर रखी है। वाहन चालक को पर्ची दी जाती है।
मैच देखने शिंदे की छावनी से आए दर्शक गोपाल बाथम ने बताया कि मैच देखना था इसलिए तीस रुपए देना पड़े। वाहन पार्किग की पर्ची नहीं दी गई। लोहिया बाजार में रहने वाले रामकिशन का कहना है कि तीस रुपए नहीं देने पर वाहन खड़ा नहीं करने दिया गया। इस तरह से कई दर्शकों को तीस रुपए देना पड़े। इस कार्य में रेल सुरक्षा बल ने भी सहयोग किया।
>> ठेकेदार को कोई अतिरिक्त भूमि मैच के लिए आवंटित नहीं की गई थी। यदि उसने दर्शकों से ज्यादा पैसे लिए हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
—मनोज सिन्हा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक झांसी