जयपुर. सूरजपोल इलाके की आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों में पिछले चार दिन से जारी दूषित पेयजल की सप्लाई के कारण एक बालिका की मौत हो गई,
जबकि 80 से ज्यादा लोग बीमार हैं। पेयजल में सीवर का गंदा पानी मिलकर सप्लाई हो रहा था। लोगों को उल्टी-दस्त, पेट में दर्द व जी मचलाने की शिकायत हुई। 20 से ज्यादा बच्चों तथा एक दर्जन बड़ों को सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।
हालांकि दूषित पानी से दो बच्चों की मौत की बात सामने आ रही है, लेकिन पुष्टि केवल एक मौत की हुई है। गुस्साए लोगों ने गुरुवार को लक्ष्मीनारायण-हनुमान चौराहा पर रास्ता जाम किया। जिला कलेक्टर ने जलदाय विभाग के सहायक अभियंता को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। मौके पर पहुंची चिकित्सा विभाग की दो टीमों ने दर रात तक 400 लोगों की जांच की।
यहां बीमारी बना पानी
रामगंज इलाके की लक्ष्मीनारायणपुरी, श्रीराम कॉलोनी, व्यास पार्क का इलाका, गोगामेड़ी क्षेत्र, जत्तीजी की बगीची, श्यामपुरी, बलदावपुरी, सीतारामपुरी, मंडी खटीकान, वार्ड-52 की अन्य कॉलोनियों में सोमवार से ही पेयजल के साथ सीवर का गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग को तत्काल जानकारी दी गई, इसके बावजूद दूषित पानी की सप्लाई नहीं रोकी गई। लोग बीमार होकर मंगलवार से ही निजी क्लिनिकों में पहुंच रहे थे। मामला तब गहराया, जब गुरुवार सुबह श्रीराम कॉलोनी के भागचंद सैनी की एक वर्षीय लड़की निशी की तबीयत खराब होने से मौत हो गई।
निजी टैंकरों से पानी मंगवाया
दूषित पानी से बीमारी होते देख स्थानीय लोगों ने उसे पीना बंद कर दिया और निजी टैंकरों से पानी मंगवाया। इससे पहले प्रशासन ने घरेलू टैंकों में ब्लीचिंग पाउडर डलवाया, फिर भी लोगों ने मोटर लगाकर टैंक खाली कर दिए।
अब ली सुध
जलदाय विभाग लोगों के बीमार होने के बाद अब चेता है। उसने इन कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई के लिए 20 टैंकरों की व्यवस्था की। लोगों का आरोप है कि 12 हजार से ज्यादा की आबादी में 20 टैंकरों से कुछ नहीं होगा।
मृतक के घर में कोहराम
भागचंद सैनी के परिवार में गंदे पानी ने कोहराम मचा दिया है। गंदे पानी से बीमार होकर दम तोड़ने वाली उसकी छोटी बेटी निशी उर्फ चिंकू का तीन सप्ताह पहले ही जन्मदिन मनाया गया था। उसकी बड़ी बहिन खुशी को भी सुबह से उल्टी-दस्त हो रहे है। भागचंद की दादी शांति देवी, ताऊ ढूंढाराम व चाचा की चार वर्षीय लड़की हर्षिता भी अस्पताल में भर्ती है। मृतक निशी की मां आशादेवी का रो-रोकर बुरा हाल था।
भास्कर के सवाल एक्सईएन दिनेश शर्मा के जवाब:
* चार दिन से गंदा पानी आ रहा था, लेकिन जलदाय विभान सजग नहीं हुआ,क्यों?
हम सोमवार से ही फॉल्ट ढूंढ़ रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं मिला है।
* फॉल्ट ढूंढ़ रहे थे तो सप्लाई क्यों नहीं रोकी गई?
लोगों को पीने के लिए पानी तो देना ही था।
* गंदा पानी पानी पिला रहे थे?
पानी सप्लाई नहीं करते तो जनता आंदोलन पर उतर आती।
* टैकरों से पानी सप्लाई क्यों नहीं किया?
टैंकर भी लगा रखे थे।
* लोगों का आरोप है टैंकर नहीं पहुंच रहे थे?
मुझे जानकारी नहीं है।
* आप प्रभावित इलाके में कब पहुंचे?
सुबह 11 बजे सूचना मिलते ही पहुंच गया था।
* फिर चार दिन से कहां थे?
अन्य इलाकों की जानकारी भी रखनी पड़ती है।
* इलाके की जर्जर लाइनें बदलने के काम की गति धीमी क्यों हैं?
परकोटे में काम करने में दिक्कत होती है।
* छह महीने का काम डेढ़ साल में भी क्यों नहीं हो पाया?
काम में वक्त तो लगता ही है।
* जेईएन व एईएन के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
मुझे जानकारी नहीं है। फॉल्ट ढूंढ़ने में लगा हूं।