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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. वन विभाग ने कानन पेंडारी के प्रवेश शुल्क में एक जनवरी से बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। प्रवेश शुल्क के नए दर के मुताबिक कानन में प्रवेश के लिए बड़े पर्यटकों को दस तो छोटों को पांच रुपए देने होंगे। इस संबंध में वन मुख्यालय ने भी हरी झंडी दे दी है। नए वर्ष में पर्यटकों को कानन पेंडारी का भ्रमण महंगा पड़ेगा।
कानन पेंडारी में जानवरों की बढ़ती संख्या व उन पर होने वाले खर्च के मद्देनजर वन विभाग ने एक साल के भीतर लगातार दूसरी बार कानन का प्रवेश शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। वन विभाग ने प्रवेश शुल्क बढ़ाने संबंधी स्वीकृति के लिए वन मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा था, जिसे हरी झंडी दे दी गई है।
आना-जाना सस्ता हुआ तो प्रवेश महंगा
कानन पेंडारी के प्रवेश शुल्क से पर्यटकों को अब तक परेशानी नहीं थी। पर्यटक तो बस या आटो के किराए से परेशान रहते थे। पर्यटकों को शहर से कानन पेंडारी तक के लिए बस में प्रत्येक सवारी के पीछे दस रुपए देने पड़ते थे। सिटी बस चलने से इसमें कमी आ जाती, लेकिन अब विभाग ने प्रवेश शुल्क बढ़ाकर हिसाब बराबर कर दिया।
कब-कब बढ़ा प्रवेश शुल्क
कानन पेंडारी के शुरुआती दौर में बड़ों से तीन तो छोटों से एक रुपए लिए जाते थे। बाद में इसे बढ़ाकर बड़ों के लिए पांच व छोटों के लिए दो रुपए कर दिया गया। बीते साल एक जनवरी से इसमें बढ़ोतरी कर बड़ों के लिए आठ व छोटों के लिए तीन रुपए कर दिया गया था। प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी को अभी एक साल ही हो पाया था कि इसे फिर बढ़ा दिया गया।
कानन में आया 70 किलो वजनी कछुआ
शिवरीनारायण स्थित महानदी में मछुआरों के जाल में फंसकर 70 किलो वजनी कछुआ बाहर आ गया। मछु़आरों ने कछुए को 2 हजार में बेंच दिया, जिसे काटने की तैयारी की जा रही थी। शिवरीनारायण पुलिस ने कछुआ बरामद कर वन विभाग के हवाले कर दिया। कछुआ चोटग्रस्त हो गया है, जिसका कानन पेंडारी इलाज किया जा रहा है।
महानदी में मछली पकड़ने के लिए बिछाए गए मछुआरों के जाल में गुरुवार को एक विशालकाय कछुआ फंसकर बाहर निक ल आया। मछुआरों ने कछुए को दो हजार रुपए में शिवरीनारायण के ही डा.प्रसाद को बेंच दिया। उक्त कछुआ कटने ही वाला था कि बालाराम नामक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कछुआ बरामद कर वन विभाग को सौंप दिया।
वन विभाग के अमले ने कछुए को वेन में भरकर शाम सात बजे कानन पेंडारी पहुंचा दिया। विभाग के अनुसार 70 किलो वजनी कछुआ चार फीट एवं लंबा एवं ढाई फीट चौड़ा है। पकड़ने के दौरान उसकी पीठ व पूछ में गहरा घाव लग गया है, जिसका कानन पेंडारी में इलाज किया जा रहा है। कानन प्रभारी एएस नाथ ने बताया कि चोटग्रस्त होने के कारण कछुए को अस्पताल में रखा गया है।
स्वस्थ होने पर इसे मोर के बराबर वाले केज स्थित पानी की टंकी में छोड़ दिया जाएगा। कानन के वन्य पशु चिकित्सक डा.पवन कुमार चंदन ने बताया कि कछुए का वजन कम से कम किलो से लेकर अधिकतम 350 किलो तक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि कानन लाए गए कछुए का आकार देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि उसकी उम्र 50 वर्ष से अधिक होगी। ज्ञात हो कि कछुए के जीवित रहने की कोई सीमा नहीं होती।