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‘कैसी दवाई, कोई टीम नहीं आई’

बिलासपुर. फाइलेरिया दिवस मनाने की सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई। नगर के कई वार्डो में लोगों ने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा, ‘काहे की दवाई, यहां कोई टीम नहीं आई।’ सभापति व एमआईसी सदस्यों को दवा खिलाकर यह दिन मना लिया गया। सफाई विभाग के प्रभारी सदस्य के निवास के आसपास के अलावा शहर के किसी भी मुहल्ले में अभियान का असर नहीं दिखा।

गुरुवार को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के अवसर पर पं देवकीनंदन नगर निगम औषधालय में सभापति विनोद सोनी, एमआईसी सदस्यों व निगम के अफसरों को फाइलेरिया नियंत्रण के लिए डीईसी की गोलियों का वितरण कर अभियान का शुभारंभ किया गया।

इसके बाद शहर के विभिन्न मुहल्लों समेत पूरे जिले में अभियान चलाया जाना था, लेकिन शहर के किसी भी मुहल्ले में न तो अभियान का असर दिखा और नहीं दवाई वितरण के लिए गठित टीम का कहीं पता चला। अभियान का असर देखने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ ने इस अभियान पर नजर रखने के लिए अभियान चलाया।

भास्कर की टीम ने इसके तहत तालापारा तालाब किनारे, तालापारा मुख्यमार्ग, विद्यानगर विनोवानगर, मसानगंज, खपरगंज, गोड़पारा, इमलीपारा, निरालानगर समेत अन्य मुहल्लों के घरों में लोगों से पूछताछ की।

शहर में दवाई बंटे न बंटे, लेकिन सफाई विभाग के प्रभारी महेश चंद्रिकापुरे के वार्ड मगरपारा में दवाइओं का वितरण किया गया। यहां घरों में पूछताछ करने पर महिलाओं ने जानकारी दी कि सुबह आंगनबाड़ी की महिलाओं ने गोलियों का वितरण किया है। जिले में इस बीमारी का सर्वाधिक असर रतनपुर व गौरेला, कोटा क्षेत्र में है।

सरकार ने सन् २0१५ तक इस बीमारी को समूल नष्ट करने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत इसके प्रचार प्रसार व अभियान के संचालन में लाखों रुपए खर्च किया जा रहे हैं, लेकिन जब संभागीय मुख्यालय में अभियान का यह हाल है तो जिले के गांवों में अभियान की स्थिति कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

सीएमओ डा. आरआर तिवारी ने अभियान की स्थिति पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि जिला मलेरिया अधिकारी डा. एसके लाल ही अभियान का संचालन व देखरेख कर रहे हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी डा. लाल ने अभियान की स्थिति के संबंध में पूछने पर कहा कि आज अभियान का पहला दिन है। जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान १७ नवंबर तक जारी रहेगा। इसके बाद ही डाटा आना शुरू हो गया कि कहां कितने लोगों को दवाई का वितरण किया गया।





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