उदयपुर. भाजपा नेताओं के जिस जमीन प्रेम को लेकर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पिछले दिनों जयपुर में भड़क गए थे, वैसी ही सिफारिश वे खुद भी कर चुके हैं।
कटारिया ने उसी कर्णावती शिक्षण संस्था के ट्रस्ट को आरक्षित दर की 25 प्रतिशत कीमत पर भूमि आवंटन का सिफारिशी पत्र नगर विकास प्रन्यास को लिखा था, जिसके लिए कुछ समय पहले सांसद किरण माहेश्वरी ने सिफारिश की थी। जानकारों का कहना है कि इस संस्था को सस्ती दर पर जमीन देने के लिए सिफारिश करने वालों में कटारिया और किरण माहेश्वरी के अलावा कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे खेमराज कटारा का नाम भी है। इस संस्था को जमीन आवंटन संबंधी पत्रावली में कटारिया व कटारा के सिफारिशी पत्र संलग्न हैं।
मामला क्या है : उदयपुर नगर विकास न्यास ने 2005 में कर्णावती शिक्षण संस्थान को 10 हजार वर्गफीट जमीन आवंटित की थी। संस्थान ने इस पेटे यूआईटी को 11 लाख रुपए अदा किए थे। न्यास ने पहले रियायती दर पर भूमि आवंटन की फाइल निरस्त कर दी थी। उस समय कर्णावती शिक्षण संस्था ट्रस्ट के अध्यक्ष नगर परिषद के सभापति रवीन्द्र श्रीमाली थे।
आवेदन निरस्त होने के बाद संस्था सचिव कल्याण सिंह अपने रिश्तेदार पाली विधायक पुष्पेन्द्र सिंह राणावत के जरिए कटारिया के पास पहुंचे। कल्याण सिंह ने जयपुर से फोन पर बताया कि कटारियाजी ने उनकी मदद की थी मगर यूआईटी को उन्होंने कोई चिठ्ठी लिखी हो इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
* कल्याण सिंह दो वर्ष पूर्व मेरे पास आए थे। उन्होंने कहा था कि वे गरीब आदमी हैं, स्कूल खोलने के लिए जमीन की जरूरत है। मैं उन्हें कटारियाजी के पास ले गया था। कटारिया ने कहा था कि मेरे शहर के व्यक्ति होने के नाते इनकी यथासंभव मदद करूंगा।
-पुष्पेन्द्र सिंह राणावत, विधायक पाली
मेरी सिफारिश के बाद तो आवंटन ही रद्द हो गया था
* यह पुराना मामला है। मेरी सिफारिश के बाद तो आवंटन भी निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद पार्टी ने कोर्ट से आवंटन बहाल करवाया था। इसके बाद यह प्रकरण समिति के सामने आया, क्योंकि इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा छूट की दरकार थी।
-गुलाबचंद कटारिया, गृह मंत्री व कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष