जोधपुर. यूनेस्को-मैब की सूर्यनगरी में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के समापन पर जोधपुर घोषणा पत्र जारी किया गया। इसमें मैब एजेंडा लागू करते हुए शुष्क क्षेत्रों में बायोस्फीयर रिजर्व बनाने तथा उनको लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ देशी विदेशी डेलिगेट्स ने एक दूसरे को अलविदा कहा।
दुनिया के एक दर्जन से अधिक देशों के वैज्ञानिकों सहित यूनेस्को व केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुष्क भूमि के सुनिश्चयन के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया था।