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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
निजी बिल्डर्स से फ्लैट खरीदने वाले लोग या तो 14 दिसंबर तक अपने मकानों की रजिस्ट्री करवा लें या फिर कानूनी कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहें। राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने इस तरह के फ्लैट्स खरीदे हैं मगर रजिस्ट्री नहीं कराई है।
इससे स्टांम्प डयूटी के तौर पर राज्य सरकार को करीब 150 करोड़ रुपए नहीं मिल सके हैं। लेकिन यह रजिस्ट्री का नियम सिर्फ बहुमंजिला फ्लैट्स पर ही लागू होगा। जिन लोगों ने ढाई मंजिला मकान मंजिल के हिसाब से खरीदे हैं उन पर मंजिल के हिसाब से रजिस्ट्री करवाने पर लगी सरकारी रोक बदस्तूर जारी रहेगी।
सरकार ने इसकी वसूली के लिए कमर कस ली है। रजिस्ट्री न करवाने वाले फ्लैट्स मालिकों का बिजली-पानी तो कटेगा ही साथ उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी। ऐसे लोगों को तीन साल तक की कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना हो सकता है।
कानूनी हक रजिस्ट्री के बाद :
ग्राम व आयोजना विभाग के निदेशक सुदीप सिंह ढिल्लो ने बताया कि अपार्टमेंट एक्ट में पहले से ही रजिस्ट्री करवाने का प्रावधान है, लेकिन लोग पैसा बचाने में चक्कर में रजिस्ट्री से बचते हैं। वैसे इसका नुकसान लोगों को ही क्योंकि जब तक वे रजिस्ट्री नहीं करवाएंगे कानूनी तौर पर फ्लैट के मालिक नहीं बन पाएंगे।
उनकी जानकारी में है कि निजी बिल्डर से फ्लैट्स खरीदने वाले ज्यादातर लोगों ने रजिस्ट्री नहीं करवाई है। ऐसे लोगों को 14 दिसंबर तक रजिस्ट्री करवाने की समय सीमा तय की गई है। उसके बाद हम कानूनी कार्रवाई करेंगे।