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राहुल गांधी को बंधक बनाने की साजिश

लखनऊ.उत्तरप्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स ने लखनऊ-सीतापुर मार्ग पर मुठभेड़ के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन फिदायीन आतंकियों को दबोच कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। आतंकियों की योजना प्रदेश की बड़ी राजनीतिक हस्ती को बंधक बनाकर देश भर की जेलों में बंद 42 आतंकियों को छुड़ाना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करना था। माना जा रहा है कि इनके निशाने पर अमेठी के सांसद राहुल गांधी या फिर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती थीं। गिरफ्तारी आईबी और ‘रॉ’ से मिली जानकारी के आधार पर की गई है।

डीजीपी विक्रम सिंह ने शुक्रवार को बताया, ‘तीनों बेहद खतरनाक फिदायीन आतंकी हैं। वे सीधे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।’ एसटीएफ के साथ आईबी अधिकारी भी आतंकियों से पूछताछ कर रहे हैं। इनकी साजिश का ‘ब्लू प्रिंट’ बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला है। तीनों आतंकी रायबरेली के नंबर वाली सेंट्रो कार में सवार थे।

निशाने पर राहुल!
लंबे समय से आतंकियों की हिट लिस्ट में शामिल कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी तीन दिन पहले ही लखनऊ में थे। आतंकियों द्वारा रायबरेली के नंबर की गाड़ी इस्तेमाल भी राहुल की ओर इशारा करता है। हालांकि राहुल गांधी के आतंकियों के निशाने पर होने के बारे में पूछने पर डीजीपी ने न तो इनकार किया और न ही पुष्टि की।

पाकिस्तान में हुई थी ट्रेनिंग:गिरफ्तार आतंकियों ने पाकिस्तान के आतंकी प्रशिक्षण शिविर में राजनीतिक व्यक्तियों के अपहरण की ट्रेनिंग ली थी। योजना के तहत इनको ‘टारगेट’ नेता की खूबियों का अध्ययन कर उसके करीब जाना था और मौका मिलते ही उसे बंधक बना लेना था। बाद में नेता को सुरक्षित जगह रख कर समझौता वार्ता होती।

पूरी तैयारी थी: इन लोगों ने प्रशिक्षण शिविर में वीडियो फुटेज देखकर ‘टारगेट’ को बंधक बनाने की तैयारी की थी। समझौते के लिए यूएनओ के प्रतिनिधि तथा बीबीसी के दो संवाददाताओं अल्ताफ हुसैन और यूसुफ जमील कश्मीरी को बीच में लाने की योजना थी।

ये होतीं रिहाई की शर्तें:
* 42 कुख्यात आतंकियों की रिहाई। दस लाख डालर और रिहा किए जाने वाले हर आतंकी को पांच हजार डालर दिए जाएं।
* कश्मीर समस्या के समाधान के लिए बातचीत में सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज मौलवी उमर फारूख के दो-दो नुमाइंदे और भारत-पाकिस्तान के प्रतिनिधि शामिल किए जाएं।
* यूसुफ नेपाली को नेपाल में उसके परिवार के सुपुर्द किया जाए और नेपाल सरकार से इस बात की जमानत ली जाए कि उसके परिवार को तंग नहीं किया जाएगा।
*अब्दुल लतीफ को रिहा कर सऊदी अरब में सियासी पनाह दिलायी जाए।

इनको छुड़वाने की थी योजना:
अफजल गुरु, नसरुल्ला मंसूर, यूसुफ नेपाली, अबू जिंदर सहित 42 आतंकियों को छुड़ाने की तैयारी थी। * पाकिस्तान: 22
* पाक अधिकृत कश्मीर: 14
* जम्मू-कश्मीर: 01
* गुजरात: 03
* नेपाल: 01
* अन्य: 01

ये हैं आतंकी:
* मोहम्मद आबिद उर्फ फाते उर्फ सफदर उर्फ अयूब (27), लाहौर।
* यूसुफ उर्फ फैसल (21), मुल्तान।
* मिर्जा राशिद बेग उर्फ राजा कजाफी, गुजरांवाला।

क्या-क्या मिला:
* दो एके 47, चार भरी हुई मैगजीन, 120 कारतूस, चीन निर्मित तीस बोर की तीन पिस्तौल, चार किलोग्राम आरडीएक्स, पांच डेटोनेटर, दो दर्जन ग्रेनेड।
* दो के पास मेडिकल तथा एक के पास इंडियन आइडेंटिटी कार्ड, जिन पर इनका पता जम्मू-कश्मीर का लिखा है।
* 24 हजार से अधिक नकदी, जम्मू से नई दिल्ली तक 14 नवंबर को की गई यात्रा का टिकट।





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