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लंदन: ब्रिटेन की प्रिसेंस डायना को दस साल पहले पेरिस में हुई कार दुर्घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने वाले डॉक्टर ने कहा है कि उनकी टीम ने दिवंगत प्रिसंेस का गर्भ परीक्षण करना जरूरी नहीं समझा था। बहुचर्चित हादसे में डायना और उनके मित्र डोडी फयाद की मौत हो गई थी।
दुर्घटना की जांच कर रही ज्यूरी को फ्रांस से दिए गए बयान में प्रो. ब्रूनो रियोउ ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता डायना को किसी तरह बचाने की थी। वे इसकी जगह उनका अल्ट्रासाउंड टेस्ट नहीं करना चाहते थे। इसमें काफी समय लगता। उन्हें जब अस्पताल लाया गया तो उनके बचने की संभावना नहीं के बराबर थी।
उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज इस तरह की दशा में लाया जाता है तो उसकी जान बचाने की कोशिश की जाती है, न कि उसका गर्भ परीक्षण। उस समय डायना के शरीर से बेहद खून बह रहा था। उनकी टीम को उन्हें दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा था। उस समय अल्ट्रासाउंड सिर्फ समय की बर्बादी थी।
ब्रूनो रियोउ से एक दिन पहले ही डायना को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस के ड्रायवर ने इससे इंकार कर दिया कि उसका धीमी गाड़ी चलाना डायना को मारने के षड़यंत्र का एक हिस्सा था। उसने कहा कि उसने डॉक्टर के निर्देश पर गाड़ी 25 से 31 मील प्रति घंटे की गति से चलाई।
उल्लेखनीय है 31 अगस्त 2007 को हुए इस एक्सीडेंट में मारे गए डायना के पुरुष मित्र डोडी के पिता मोहम्मद अल फयाद ने दावा किया था कि डायना मौत के समय गर्भवती थी। उसे एक मिस्र के मुस्लिम के बच्चे की मां बनने से रोकने के लिए ब्रितानी गुप्तचरों ने उसकी हत्या करवाई थी।