नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद पीजे कुरियन के खिलाफ मुकदमा न चलाने के केरल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
चीफ जस्टिस केजी बालकृष्णन और जस्टिस आरवी रवींद्रन की बेंच ने कहा कि बलात्कार पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराने में तीन साल की देरी की। इस आधार पर याचिका मंजूर नहीं की जा सकती।
इससे पहले केरल सरकार के वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने दलील दी कि यह बहुत ही संगीन मामला है जिसमें एक मजबूर लड़की के साथ लंबे समय तक सामूहिक बलात्कार किया गया। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने १९९६ में समाचार-पत्र में प्रकाशित एक तस्वीर से कुरियन की पहचान की थी।
इससे पहले लड़की के पिता ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। लेकिन बेंच देरी को लेकर धवन की दलीलों से संतुष्ट नजर नहीं आई। कुरियन की ओर से वरिष्ठ वकील अरुण जेटली ने पैरवी की।