News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
विधानसभा के शीत सत्र की सूचना के संबंध में विधानसभा सचिवालय द्वारा स्पीड पोस्ट से भेजी गई डाक विधायकों को नौ दिनों बाद भी नहीं मिली। इससे विधायकों को समय पर सूचना नहीं मिल पाई और उन्हें आवश्यक प्रक्रिया अपनाने में देर हुई। विधायकों ने इसकी शिकायत विधानसभा सचिवालय से की।
इस आधार पर विधानसभा सचिव देवेंद्र वर्मा ने मामले की सीपीएमजी चंद्रप्रकाश से शिकायत की। सीपीएमजी ने पूरे मामले को डाक विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग को सौंप दिया है। सीपीएमजी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद डाक तो बंटवा दी गई है लेकिन देर क्यों हुई, इसकी जांच भी कराई जा रही है।
विधानसभा सत्र की सूचना देने के लिए विधानसभा स्थित डाकघर में 31 अक्टूबर को सारे विधायकों की सूची देकर स्पीड-पोस्ट से बुकिंग कराई गई। बताते हैं कि कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से डाक का थैला कहीं दबा रह गया।
14 नवंबर तक डाक वितरण की पावती न मिलने पर विधानसभा सचिव ने इसकी शिकायत सीपीएमजी से की तब मामले का खुलासा हुआ। आनन-फानन में ंविधायकों डाक बांटी गई। शिकायत की जांच का जिम्मा असिस्टेंड डायरेक्टर (इंवेस्टिगेशन) डीके शर्मा को सौंपा गया है। वे संबंधित अफसरों और कर्मचारियों के बयान ले रहे हैं। इसके अलावा सीपीएमजी ने सीनियर पोस्ट मास्टर से भी रिपोर्ट मांगी है।
पहले भी हुए प्रकरण
स्पीड पोस्ट में डाक वितरण में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी सरकारी पत्रिका पंचमन की 10 हजार से अधिक प्रतियों का वितरण न कर रद्दी में बेचने के मामले का दैनिक भास्कर ने भंडाफोड़ किया था। शासन के अफसरों ने छापा मारकर रद्दी की दुकान से पत्रिकाएं भी जब्त की थीं।
दिवाली की डाक के ढेर
जीपीओ में अभी भी दिवाली ग्रीटिंग और पत्रिकाओं के थैलों का अंबार लगा है। गुरुवार को 22 थैले खोले गए, लेकिन आज तक छंटनी नही ंहो सकी। दिवाली डाक वितरण में देरी के मामले में सीपीएमजी ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी और प्लानिंग के अभाव में ऐसी स्थिति पैदा होती है।