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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. आयकर विभाग ने जीई रोड मुआवजे को लेकर नगर निगम को नोटिस जारी कर दी है। विभाग का कहना है कि मुआवजे की रकम ज्यादा होने की वजह से टैक्स के दायरे में आ गए। निगम को मुआवजे का भुगतान इनकम टैक्स कटौती के बाद (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) करना था। टीडीएस वसूली की नोटिस के बाद निगम ने टैक्स विशेषज्ञों की शरण ली है।
निगम सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों की जमीन व दुकानें मास्टर प्लान के अंतर्गत 80 फीट सड़क के दायरे में आई हैं, उन्हें हटाया जाना है। प्रभावितों ने अपनी संपत्ति बेचकर आय अर्जित नहीं की है। शासन जमीन का भूअर्जन भी नहीं कर रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावितों को मकान-दुकान लिए जाने से जो क्षति हो रही है, निगम ने उसकी पूर्ति की है।
इसे किसी भी रूप में प्रभावितों की आय नहीं माना जा सकता। अफसरों ने कहा कि इसीलिए निगम ने पहले फेस के सभी 51 प्रभावितों को बिना टीडीएस काटे करीब 9.50 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। बताते हैं कि निगम नोटिस के जवाब में यही तर्क देने वाला है। अफसरों ने कहा कि अगर इसके बाद भी आयकर विभाग को लगता है कि टैक्स देना पड़ेगा, तब विचार-विमर्श कर लिया जाएगा।
जुर्माना भी संभव :
आयकर विभाग के एक आला अफसर ने बताया कि निगम को टीडीएस का सामान्य नोटिस दिया गया है। ऐसे नोटिस कई अन्य सरकारी तथा गैरसरकारी विभागों को दिए गए हैं। आजाद चौक से आमापारा चौक के बीच मुआवजा वितरण इसी वित्तीय सत्र की बात है।
इसका टीडीएस 31 मार्च 08 तक पहले जमा कराया जाना है, इसलिए निगम के पास पर्याप्त समय है। अगर निगम ने समय पर टीडीएस का भुगतान नहीं किया, तो रोजाना के हिसाब से जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
दूसरे चरण में भी :
आजाद चौक से तात्यापारा चौक के बीच सड़क चौड़ीकरण के दौरान 31 प्रभावितों को करीब 15 करोड़ रु. बतौर मुआवजा दिया जाएगा। निगम अफसर इस बात से पसोपेश में हैं कि मुआवजा टीडीएस काटकर दिया जाए या पूर्व की तरह। टीडीएस का मामला गुरुवार की बैठक में उठा था।
इसका प्रभावितों ने विरोध किया था और कहा था कि पहले चरण के प्रभावितों से टीडीएस लिया जाए, वे तभी राजी होंगे। निगम सूत्रों को भरोसा है कि दूसरे फेस का मुआवजा देने से पहले पुराना टीडीएस का मामला सुलझ जाएगा। टीडीएस भुगतान की स्थिति में तात्यापारा के प्रभावितों को टीडीएस काटकर ही मुआवजे का चेक दिया जाएगा।
टीडीएस दर :
10 लाख रु. तक - 10.2 फीसदी।
10 लाख रु. से अधिक होने पर - 11.2 प्रतिशत।
>> टीडीएस का मामला प्रभावितों और आयकर विभाग से समन्वय कर सुलझा लिया जाएगा। इसमें विवाद जैसी स्थिति अब भी नहीं है और भविष्य में भी नहीं होगी।
विकासशील, कलेक्टर, रायपुर