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थानों को भीड़ ने घेरा

रायपुर. पुलिस के रवैये से नाराज गोगांव के लोगों ने आज खमतराई थाना घेरा और उसी दौरान धर्म परिवर्तन के मामले में कार्रवाई नहीं होने से भड़के धर्मसैनिकों ने गोलबाजार थाने का घेराव कर दिया। दोनों जगह जमकर नारेबाजी हुई। भीड़ ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथ लिया।

गोगांव के लोग सतनाम मंच के बैनर तले इकट्ठे हुए और दोपहर खमतराई थाने पहुंच गए। दरअसल सूर्यानगर गोगांव में रविवार की रात गुटीय संघर्ष हुआ था। व्यापारी टीनू उर्फ देवेंद्र मलंग और उसका रिश्तेदार काकू उर्फ नरेश मलंग संघर्ष में बुरी तरह जख्मी हुए थे।

बाद में उपचार के दौरान टीनू की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मोहल्ले के सुभाष लहरे, दिनेश बंजारे, मनोज, शत्रुहन और मुकेश धोबी को हिरासत में लिया है। कुछ लोग फरार हैं। उनकी तलाश में ही पुलिस गोगांव में दबिश दे रही है। मोहल्लेवालों का आरोप है कि पुलिस ज्यादती कर रही है।

पूछताछ के नाम पर महिलाओं को भी महिला पुलिस के बिना थाने में बैठाया जा रहा है। जो बलवे में नहीं थे, उन्हें भी पकड़ा जा रहा है। पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए कतिपय लोगों को रिहा करने की मांग पर वे अड़े रहे। भीड़ दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाते रही। घेराव की सूचना मिलते ही एएसपी ट्रैफिक जीएस ठाकुर और उरला सीएसपी बीबीएस राजपूत अतिरिक्त फोर्स लेकर थाने पहुंच गए।

निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बावजूद उग्र भीड़ उनकी बात मानने को तैयार नहीं थी। पुलिस पर दबाव में एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए लोगों ने जमकर नारेबाजी की। ढाई-तीन सौ ग्रामीणों के प्रदर्शन को युकांईयों ने समर्थन दिया। उनका कहना है कि पुलिस ने इस मामले में दो ऐसे युवकों को भी पकड़ लिया है, जो घटना वाली रात गांव में थे ही नहीं।

कुछ युवकों के घर वालों को पुलिस जबरन परेशान कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश युवक कांग्रेस के पदाधिकारी नितिन भंसाली, सौरव निर्वाणी, यशवंत चकवानी, आशीष जैन आदि शामिल थे। अफसरों ने किसी तरह स्थिति संभाली। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वसान दिया। उसके बाद भीड़ लौटी।

धर्र्मातरण के मुद्दे पर हंगामा
धर्र्मातरण के मुद्दे पर धर्मसैनिकों ने आज गोलबाजार थाने के सामने जमकर हंगामा किया। इस मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए 50 से ज्यादा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। दशहरा के दिन राजातालाब चर्च में धर्र्मातरण को लेकर बलवा हो गया था।

धर्मसैनिकों का दावा है कि चर्च में छत्तीसगढ़ समेत आंध्रप्रदेश और उड़ीसा आदि पड़ोसी राज्यों के गरीब लोगों का धर्र्मातरण कराया गया। उन्होंने इसकी सीडी तैयार करके कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपी, लेकिन महीनेभर बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अफसरों के उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद कार्यकर्ता लौटे। उन्होंने इस आशय का ज्ञापन भी सौंपा।

विशेष थाने में शिकायत
गोगांव गुटीय संघर्ष में ग्रामीणों का पक्ष विशेष थाने में भी रखा गया है। शिकायत पर थाने ने जांच शुरू हो गई है। अफसरों का कहना है कि शिकायत के सही पाए जाने पर बलवा में शामिल एकतानगर, गुढ़ियारी के लोगों पर भी जुर्म कायम किया जा सकता है।

सतनामी मंच ने खमतराई पुलिस के रवैए की शिकायत एसएसपी से भी की है। घेराव के बाद पुलिस ने बालदास नाम के ग्रामीण को छोड़ दिया। उसके गुटिय संघर्ष में शामिल होने के कोई प्रमाण नहीं मिले।

महाराष्ट्र पुलिस की पूछताछ से व्यापारी भड़के
विस्फोटक सामग्री की सप्लाई के मामले में पूछताछ करने पहुंची महाराष्ट्र पुलिस के रवैये से खफा व्यापारियों ने शुक्रवार शाम गोलबाजार थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने इस कार्रवाई को स्थानीय व्यापारियों की छवि खराब करने की साजिश बताया।

थाने के घेराव की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तमाम वरिष्ठ पुलिस अफसर और कुछ टीआई गोलबाजार थाना पहुंच गए। कुछ दिनों पहले गढ़चिरोली में नक्सलियों ने विस्फोट किया था। महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में एक संदेही को पकड़ा था। पूछताछ में उसने गोलबाजार रायपुर के एक व्यापारी से गंधक लेना कबूल किया।

इसी आधार पर एक-दो दिन से महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम गोलाबाजार के व्यापारियों से पूछताछ में लगी हुई है। इस मामले में गोलबाजार के किराना व्यापारी का नाम सामने आते ही व्यापारी संगठन भड़क गए। बंजारी रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष लालचंद गोलवानी और मालवीय रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष भारामल मंदानी के नेतृत्व में 30-40 व्यवसायी गोलबाजार थाने पहुंच गए।

अफसरों ने व्यापारियों को समझा-बूझाकर वापस भेजा। इधर, पुलिस अफसरों का कहना है कि जिस व्यापारी का नाम सामने आया है उनका पुलिस रिकार्ड देखा जा रहा है। किसी को फंसाया नहीं जा रहा है।





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