नई दिल्ली. फार्मा क्षेत्र की नामी कंपनी रेनबैक्सी लैबोरेट्रीज ने अमेरिकी औषधि नियामक संस्था यूएसएफडीए के निर्देश के बाद 600 और 800 एमजी की 7.30 करोड़ गाबापेंटीन टेबलेट्स अमेरिकी बाजार से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अमेरिकी संस्था के अनुसार नर्व पैन (स्नायु दर्द) के इलाज वाली इन गोलियों में निर्धारित अनुमति से अधिक मात्रा में औषधि तत्व पाए गए हैं। इसे रैनबेक्सी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पहली बार किसी भारतीय फार्मा कंपनी को बाजार से अपने उत्पाद वापस लेने पड़ रहे हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए इसे ‘स्वैच्छिक स्तर’ पर उठाया गया कदम कहा है। ये गोलियां हिमाचल प्रदेश में बनाई जाती हैं। कंपनी पिछले दो साल से इन्हें अमेरिका को निर्यात कर रही है।
अमेरिकी मेडिकल आंकड़ों के अनुसार दो साल पहले इन दवाओं का कुल अमेरिकी बाजार 96 करोड़ डॉलर (लगभग 39 अरब रुपए) का आंका गया था, जिसमें अब और वृद्धि होने के आसार हैं।