इंदौर. हीरानगर थाने में मारपीट से मौत के मामले में निलंबित टीआई डी.पी. अहिरवार को शुक्रवार सुबह पुलिस ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एम.के. सैनी की कोर्ट में पेश किया। वहां से एक दिन का रिमांड मिला लेकिन पूछताछ से पहले ही वे पहले घबराए फिर पेट दुखने लगा और एमवायएच में भर्ती हो गए।
गुरुवार शाम गिरफ्तार श्री अहिरवार को पुलिस ने सुबह 11.30 बजे करीब कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड मांगा। टीआई के वकील चंद्रशेखर रायकवार ने विरोध किया और उन्हें ब्लड कैंसर होने संबंधी कागजात भी पेश किए।
कोर्ट ने आपत्ति अमान्य कर एक दिन का रिमांड दिया और 17 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक फिर पेश करने के निर्देश दिए। इस पर श्री रायकवार ने रिमांड से पहले व बाद मेडिकल कराने का आवेदन किया जो कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर पाती उससे पहले ही वे एमवायएच के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हो गए।
मीडियाकर्मियों पर उड़ेला झूठा पानी
कोर्ट से निकलते ही मीडियाकर्मियों ने श्री अहिरवार से चर्चा की कोशिश की तो पुलिस उन्हें तुरत-फुरत गाड़ी तक ले गई। मीडियाकर्मी वहां भी पहुंच गए तो श्री अहिरवार ने पानी की बोतल निकाली और झूठा पानी छींटने लगे। कुछ फोटोग्राफर्स के कैमरों पर भी पानी उड़ेला।
नाटकीय ढंग से हुए भर्ती
सूत्र बताते हैं कोर्ट से निकलते ही श्री अहिरवार ने घबराहट और चक्कर आने की शिकायत की। तब पुलिस एमवायएच ले गई। वहां सीएमओ को भी यही बताया तो उन्होंने एमएलसी बनाकर मेडिसिन डिपार्टमेंट को रेफर कर दिया।
वहां बात नहीं बनी तो वे पेट दर्द की शिकायत करने लगे और सर्जिकल डिर्पाटमेंट पहुंच गए। वहां भी आरएसओ ने भर्ती करने का विरोध किया तो एक सीनियर डॉक्टर के इशारे पर प्रशासनिक अफसरों के नाम से दबाव बनाकर किसी तरह भर्ती कराया गया।
सिमरोल थाने में बीती रात
श्री अहिरवार की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कुछ भी स्पष्ट करने से परहेज करती रही। वरिष्ठ अफसर भी जांच अधिकारी सीएसपी धार मनीष खत्री को ही जानकारी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ते रहे। रातभर पुलिस उन्हें छुपाती रही। क
ोई कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार होने की बात कह रहा था तो कोई सपना-संगीता रोड पर से। रात में उन्हें सिमरोल थाने में रखा गया। श्री खत्री के अनुसार मुखबिर की सूचना पर आइडियल एक्स-रे, सपना-संगीता रोड के सामने से गिरफ्तार किया गया।
>> कोर्ट ने रिमांड से पहले व बाद मेडिकल कराने के आदेश दिए थे इसलिए उन्हें एमवायएच ले गए। वहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। हम उनसे हॉस्पिटल में ही पूछताछ कर रहे हैं। शाम तक दो-तीन चरण की पूछताछ हो चुकी है। शनिवार को फिर रिमांड मांगने का फैसला पूछताछ के बाद ही हो पाएगा।
मनीष खत्री, सीएसपी
>> श्री अहिरवार को ब्लड कैंसर है, जिसका इलाज टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई में चल रहा है। उन्हें पेटदर्द की शिकायत पर भर्ती किया गया। विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा क्या परेशानी है।
डॉ. डी.के. जैन, सर्जन एमवायएच
मजिस्ट्रियल जांच में पेश नहीं हुए आरोपी पुलिसकर्मी
हीरानगर थाने में घनश्याम मंडलोई की मौत की मजिस्ट्रियल जांच में पेश होने के लिए आरोपी पुलिसकर्मियों को शुक्रवार को अंतिम अवसर दिया गया। वे नहीं आए तो टीआई के लिए हीरानगर थाने को पत्र लिखा और तीनों आरक्षकों के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई का निर्णय लिया।
श्री मंडलोई की मौत में टीआई डी.पी. अहिरवार, आरक्षक शैलेंद्र यादव, शैलेंद्रसिंह उर्फ सोनू और रवि यादव को निलंबित कर गैर इरादतन हत्या का मामल दर्ज किया गया था। मजिस्ट्रियल जांच में उक्त आरोपियों को पेश करने की अंतिम तारीख 16 रखी गई थी। 5.30 बजे तक इंतजार के बाद एसडीएम ने ये निर्णय लिए।
जांच कर रहे एसडीएम बी.बी.एस. तोमर ने बताया टीआई पुलिस हिरासत में है इसलिए उनके लिए हीरानगर थाने को लिखा गया। वहीं तीनों आरक्षक के विरुद्ध एकपक्षीय फैसला किया गया। इसकी रिपोर्ट संभवत: 20 अक्टूबर तक कलेक्टर को पेश की जाएगी।