अजमेर. आरपीएससी ने राजस्थान प्रशासनिक एवं अधीनस्थ सेवा नियमों में प्रावधान नहीं होते हुए भी एक अधिकारी को ‘गैलेंट्री प्रमोशन’ देने के चर्चित मामले में
हथियार डाल दिए हैं।
आरपीएससी ने अपनी ही आपत्ति दरकिनार कर सरकार को संक्षिप्त जवाब भेजते हुए गैलेंट्री प्रमोशन पर सहमति जता दी है। जवाब में बताया गया है कि अगर सरकार प्रमोशन देना चाहती है तो आरपीएससी को कोई आपत्ति नहीं है।
अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों राज्य के कार्मिक विभाग के उस पत्र का बहुत संक्षिप्त जवाब भेजा गया है, जिसमें पूछा गया था कि आरएएस अफसर हनुवंतसिंह को सेवा नियमों में प्रावधान नहीं होते हुए भी गैलेंट्री प्रमोशन दिया जा सकता है या नहीं। अफसरों को भी बहादुरी दिखाने पर गैलेंट्री पुरस्कार और इसके आधार पर पदोन्नति देने के लिए सरकार नियमों में संशोधन करना चाहती है। इसके लिए आरपीएससी से सहमति मांगी गई थी।
आरपीएससी को सिर्फ इस बात पर आपत्ति थी कि सरकार इस नियम का लाभ 1995 से क्यों देना चाहती है, जबकि कोई भी सेवा नियम पिछली तारीख से लाभ देने की अनुमति नहीं देता। आरपीएससी ने अपनी आपत्ति फाइल पर दर्ज कर दी थी। बाद में आपत्ति दरकिनार कर सहमति दे दी गई।
* यह सही है। सरकार को जवाब भेज दिया गया है।
-सीआर चौधरी अध्यक्ष आरपीएससी