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बेरोजगारों पर भारी भत्ता नियम

चूरू. अक्षत बेरोजगार भत्ता योजना के कड़े नियम बेरोजगार युवक-युवतियों की बेरोजगारी पर भारी साबित हो रहे हैं।

वर्ष 2007 के बजट में बेरोजगारों को भत्ता देने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अस्तित्व में आई योजना से जिलेभर में नाममात्र के युवक-युवतियां ही लाभान्वित हो सके हैं। योजना के जरिए लोगों को लाभान्वित करने के लिए बनाए गए कड़े नियमों का नतीजा है कि वर्तमान में जिले के 23 हजार 32 बेरोजगार युवक-युवतियां भत्ते की सुविधा से वंचित हैं। जिला रोजगार कार्यालय में पंजीकृत 23 हजार 592 बेरोजगारों में से केवल 560 जनों को ही बेरोजगारी भत्ता दिया जा सका है।

ये है क्राइट एरिया
* माता-पिता को शामिल करते हुए आवेदक के परिवार की आय एक लाख रुपए से अधिक न हो।
* आवेदक किसी संस्था से रेगूलर स्टूंडेंट के रूप में पढ़ाई नहीं कर रहा हो।
* ग्रेज्जुएशन का पंजीयन किसी भी रोजगार कार्यालय में कम से कम छह माह पुराना हो।

ऊंट के मुंह में जीरा
योजना के तहत जिलेभर में 560 बेरोजगारों को दिया गया मात्र पांच लाख 40 हजार रुपए का बेरोजगारी भत्ता ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ करता है। योजनानुसार बेरोजगार पुरुष को 400 रुपए, महिला को 500 और विकलांग को 600 रुपए प्रतिमाह देय है। इस हिसाब से केवल महिला-पुरुषों को देय भत्ते की गणना की जाए तो दी गई राशि काफी कम है। जिले में पंजीकृत 19 हजार 113 युवकों को 400 रुपए के हिसाब से 76 लाख 45 हजार 200 और चार हजार 479 युवतियों को 500 रुपए के हिसाब से 22 लाख 39 हजार 500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएं तो कुल राशि 98 लाख 84 हजार 700 रुपए होती है।

* कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगार युवक-युवतियों के बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। योजना के नियमों के दायरे में आने वालों को बेरोजगारी भत्ता देकर लाभान्वित कर दिया गया है।
-असरार हुसैन, जिला रोजगार अधिकारी





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