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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. रीवा में पदस्थ डीआईजी गाजीराम मीणा को मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी देने और अपशब्द कहे जाने का मामला सामने आया है। घटना ग्वालियर की है और श्री मीणा ने मामले की शिकायत गोला का मंदिर थाने में गुरुवार की रात दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक धमकी देने वाले का नाम आरके शर्मा निवासी भोपाल और उसके मोबाइल का नम्बर 9200220563 बताया गया है। दैनिक भास्कर से चर्चा में श्री मीणा ने मामले की पुष्टि की है।
पूर्व में ग्वालियर में भी रह चुके श्री मीणा वर्तमान में रीवा में पदस्थ हैं। वे गुरुवार को भिण्ड न्यायालय में किसी प्रकरण में पेशी पर आये थे। कोर्ट पेशी करने के बाद रात साढ़े आठ बजे के करीब जब वे मालनपुर के आसपास थे, तभी उनके मोबाइल फोन की घंटी बजी, तो कॉल रिसीव करते ही दूसरी तरफ से फोन करने वाले ने बिना कुछ बताये सीधे कहा- तुमने मेरी बात नहीं सुनी ।
श्री मीणा के मुताबिक पहले तो उन्होंने समझा कि कोई गलत नम्बर लग गया है, लिहाजा मैंने पूछा कि आपने किसे फोन लगाया है? इस पर दूसरी तरफ से बात करने वाले ने धमकाते हुए कहा- तुम मुझे जानते नहीं हो, मैं कितना बड़ा आदमी हूं। इस पर श्री मीणा ने फोन काट दिया।
बताया जाता है कि कुछ देर बाद फिर उनके मोबाइल पर घंटी बजी और वही स्वर सुनाई दिया। इस बार दूसरी तरफ से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। श्री मीणा के मुताबिक फोन करने वाला संभवत: नशे में धुत था। पूरा वाकया मालनपुर और ग्वालियर के बीच हुआ।
इसके बाद उन्होंने गोला का मंदिर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में दी गई जानकारी के मुताबिक आरोपी ने खुद को मानवाधिकार आयोग भोपाल का सचिव बताया है।
शिकायत मानवाधिकार आयोग को भी
श्री मीणा के मुताबिक उन्होंने पूरे मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग भोपाल के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय को भी कर दी है। उनका कहना है कि आरोपी के पास उनके रीवा स्थित बंगले का फोन नम्बर भी है और उस पर भी वह फोन करता रहा है। इस संबंध में उन्होंने मानवाधिकार आयोग के सदस्य विजय शुक्ला से संपर्क कर जानकारी जुटाई तो पता चला कि आरके शर्मा नाम का कोई व्यक्ति आयोग का सचिव नहीं है।