bhaskar Web English
HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

अतिरिक्त राशि नहीं देने का निर्णय लिया

बिलासपुर. मंगला में हाउसिंग बोर्ड का मकान लेने वालों ने बढ़ाई गई राशि नहीं देने की ठान ली है। दीनदयाल नगर विकास समिति ने बोर्ड पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा है कि मकान किराया और बैंक लोन लेकर ब्याज की दोहरी मार झेल रहे हितग्राही अब बोर्ड की उगाही का शिकार हो रहे हैं। धरना-प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए 17 नवंबर को समिति बैठक रखी गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (हाउसिंग बोर्ड) द्वारा मंगला में दीनदयाल आवास योजना के तहत निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों के एलआईजी आवास बनाए जा रहे हैं। साढ़े तीन वर्ष पूर्व इन मकानों का आबंटन लाटरी के माध्यम से किया गया था, तब से अब तक इनका निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।

स्ववित्तीय योजना में मकान की कीमत 2 लाख व भाड़ाक्रय योजना में 2 लाख 20 हजार रुपए तय की गई थी, इसके अनुसार हितग्राहियों ने पंजीयन राशि व उसके बाद के किश्तों की राशि जमा भी कर दी। अब एकाएक मकान की कीमत बढ़ाने का निर्णय लेते हुए बोर्ड इन योजनाओं के हितग्राहियों से क्रमश: 46 व 50 हजार रुपए अतिरिक्त वसूलने की तैयारी कर रहा है।

मंडल संभाग ने अतिरिक्त राशि वसूलने का प्रस्ताव रायपुर मुख्यालय से भेजा था, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद अब हितग्राहियों को पत्र भेजा जा रहा है। पिछले दिनों समिति के प्रतिनिधिमंडल की मांग पर कलेक्टर सुबोध सिंह ने एक सप्ताह के भीतर मकान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।

समिति के अध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव महेश धर शर्मा व पदाधिकारियों ने एक बयान में कहा कि बोर्ड की तानाशाही के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की रणनीति तय करने के लिए 17 नवंबर को शाम 5 बजे कोन्हेर गार्डन में बैठक आयोजित की गई है। इसमें वे सभी लोग शामिल होंगे, जिन्होंने मंगला में मकान लिया है।

मकानों से बाउंड्रीवाल गायब!
मकान आबंटन के लिए लाटरी निकालते समय दिए गए ब्रोशर में मकान के बाहर बाउंड्रीवाल भी दिखाया गया था। मंगला में बनाए गए मकानों में बाउंड्रीवाल गायब है, उल्टे लागत की राशि बढ़ा दी गई है, जबकि नियमानुसार बोर्ड को लागत की राशि कम करनी चाहिए। समिति ने गुणवत्ताहीन मकान निर्माण व लेट-लतीफी के लिए मंडल के अफसरों व ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप लगाया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: