कोटा. जिला एवं सेशन न्यायाधीश के स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से बिना
किसी सफल वार्ता के बैरंग लौट आया। वकीलों ने शुक्रवार को कोर्ट परिसर एवं जिला कलेक्ट्रेट चौराहे पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
समिति के सचिव अजय नंदवाना ने बताया कि समिति का एक प्रतिनिधिमंडल जिला एवं सेशन न्यायाधीश के स्थानांतरण की मांग के लिए गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस राजेश वालिया से मिला और वार्ता की। जस्टिस ने प्रतिनिधिमंडल से संघर्ष समाप्त करने की बात कही, जिससे संघर्ष समिति संतुष्ट नहीं हुई। इस संदर्भ में समिति की बैठक शुक्रवार को रखी गई, जिसमें सर्वसम्मति से संघर्ष तेज करने पर चर्चा की गई। इसका निर्णय 17 नवंबर को समिति की बैठक में लिया जाएगा।
वकीलों ने नहीं की पैरवी
वकीलों ने जिला एवं सेशन न्यायालय का बहिष्कार शुक्रवार को 34 वें दिन भी जारी रखा। संघर्ष समिति के निर्णय पर वकीलों ने जिला न्यायालय में पैरवी नहीं की और 34 वें दिन भी बहिष्कार जारी रखा।
परिजन ही कर रहे हैं पैरवी
वकीलों द्वारा जिला न्यायालय का बहिष्कार करने के कारण विचाराधीन मुकदमों एवं जमानत अर्जियों पर पैरवी परिजन द्वारा की जा रही है। जिला न्यायालय द्वारा जमानत अर्जियों पर सुनवाई की जा रही है।
नोटेरी एवं टाइपिस्टों ने काम बंद रखा
वकीलों के प्रदर्शन के दौरान नोटेरी, शपथ आयुक्त, टाइपिस्ट एवं स्टाम्प वेंडरों ने कार्य नहीं किया।
ब्रह्मानंद को अतिरिक्त संयोजक बनाया
समिति के संयोजक मदनलाल शर्मा की अस्वस्थता के कारण बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ एडवोकेट लीलाधर अग्रवाल ने की। बैठक में सर्वसम्मति से ब्रह्मानंद शर्मा को अतिरिक्त संयोजक बनाया गया।