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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ पंजाब के आईजी (प्रोविजनिंग) संजीव गुप्ता के खिलाफ जमीन हथियाने के प्रयास के मामले की जांच एडीजीपी स्तर के अफसर करेंगे। संजीव गुप्ता द्वारा विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख सुमेध सिंह सैनी पर लगाए आरोपों की जांच भी एडीजीपी के ही जिम्मे होगी। शुक्रवार को सरकार के वकील ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी।
आईजी की संपत्तियों का खुलासा : कुलदीप ने आईजी संजीव गुप्ता की कुछ बेनामी प्रॉपर्टी से संबंधित रिपोर्ट भी हाईकोर्ट को सौंपी है। उसके मुताबिक कसौली स्थित बैंकुठ रिजॉर्ट, फॉरेस्ट हिल रिजॉर्ट के पास 15 एकड़ पर बना फार्म हाउस, मोहाली के सीसवां के पास जमीन। गुप्ता पर जालंधर में एक मकान हड़पने का आरोप भी लगाया गया है। जालंधर के पास एक डेरे की जमीन में भी संजीव गुप्ता की जमीन का शेयर है। गुप्ता के बेटे के नाम पीजीआई चंडीगढ़ के पीछे 795 कनाल 16 मरला जमीन है।
याची नयागांव निवासी कुलदीप सिंह के मुताबिक गुप्ता का गुड़गांव में एक फ्लैट भी है। याची का कहना था कि इनमें से ज्यादातर प्रॉपर्टी राणा इकबाल जौली और विक्रम जौली के नाम से है।
कुलदीप ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि आईजी संजीव गुप्ता और उसके बेटे ने 29 सितंबर को उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। संजीव गुप्ता ने इन आरोपों के पीछे पंजाब विजिलेंस प्रमुख सुमेध सैनी का हाथ बताया था। गुप्ता का आरोप था कि वह और सैनी 82 बैच के अधिकारी है और उसका प्रमोशन होने वाला है इसलिए सुमेध सैनी उस पर आरोप लगा रहा है।
14 तक सुनवाई टली हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के मोहलत मांगने पर सुनवाई 14 दिसंबर तक टाल दी। सुनवाई के दौरान कुलदीप सिंह ने कहा कि मामले में सुमेध सैनी का कोई रोल नहीं है। संजीव गुप्ता अपने बचाव में जांच अफसर के खिलाफ ही आरोप लगाने लगते हैं।