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मिनी स्विट्जरलैंड

देवदार के पेड़ों से घिरी तश्तरी के आकार की इस जगह को दुनिया के उन 160 स्थानों में शुमार किया जाता है जिन्हें ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ का दर्जा प्राप्त है। आइए जानते हैं हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आने वाले खजियार के बारे में....

>> माना जाता है कि यह जगह चंबा के राजपूत शासकों की राजधानी थी। बाद में यह मुगल शासकों और इसके बाद सिख राजवंशों के हिस्से में आई। अप्रैल 1948 में यह हिमाचल प्रदेश का हिस्सा बनी।

>> समुद्र से 65 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित खजियार पश्चिमी हिमालय की धौलाधर रेंज की गोद में बसा है। यहां की सबसे मशहूर जगह खज्जी नागा मंदिर है। यह नाग देवता को समर्पित है, शायद इसी जगह के कारण इस स्थान को खजियार नाम मिला है। 10वीं सदी में बने इस मंदिर की लकड़ी की सीलिंग और दीवारों पर खूबसूरत काम किया गया है। यहां पर हिंदू और मुगल आर्किटेक्चर की झलक नजर आती है। कहा जाता है कि कौरवों से जुए में मिली हार के परिणामस्वरूप अज्ञातवास झेल रहे पांडवों ने यहां समय गुजारा था। यहां आज भी जानवर की बलि देने की परंपरा है।

>> डलहौजी से खजियार आते समय बीच में ही कालाटॉप जगह पड़ती है, इस वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में आप प्राणियों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देख सकते हैं।

>>खजियार से लगी हुई एक खूबसूरत झील है जिसे यहां के लोग पवित्र मानते हैं। हालांकि पर्यावरण को हो रहे नुकसान के कारण यह झील अब सिकुड़ती जा रही है। एक समय तो इसके पास की जमीन पर गोल्फ भी खेला जाता था।

>>12वीं शताब्दी में बना गोल्डन देवी मंदिर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास अहमियत रखता है। इस मंदिर का गुंबद सोने का है।

जाएं कबखजियार जाने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून के बीच है। रेलमार्ग से यहां पठानकोट होकर पहुंचा जा सकता है। सड़क मार्ग से दिल्ली से चंबा पहुंच सकते हैं। सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा का गग्गल एयरपोर्ट है।





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Mayank
Tuesday, 20th Nov 2007, 0:33
Wah Wah, A marvellous collection in Hindi...Salaam Namaste