स्वस्थ दिल और शरीर के लिए व्यायाम आपके जीवन में रच-बस जाना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे अन्य दिनचर्या से जुड़ी आदतें रच-बस जाती हैं। व्यायाम से दिल की
कार्यक्षमता में इजाफा होता है, साथ ही उसका फायदा पूरे शरीर को मिलता है।
शारीरिक रूप से निष्क्रियता हृदय धमनियों से जुड़ी बीमारियों का एक प्रमुख कारण बन सकती है। इसके अलावा ये अन्य निम्नलिखित खतरों को भी बढ़ाती है। जैसे,
* मोटापा
* उच्च रक्तचाप
* डायबिटीज
इसे समझते हुए सप्ताह भर में आधे-आधे घंटे के लिए महज तीन से छह दिन तेज-तेज कदमों से वॉक करना भी शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने में असरकारी साबित होता है। यूं तीन तरह के व्यायाम किए जा सकते हैं,
* स्ट्रेचिंग
* एरोबिक्स
* स्ट्रेंथनिंग (टोनिंग या बिल्डिंग मसल्स)
वैसे दिल के लिए सबसे अच्छा व्यायाम होता है एरोबिक्स, जिसके तहत वॉकिंग, जॉगिंग, रनिंग, स्विमिंग, डांसिंग और साइक्लिंग आती है। हालांकि शरीर को फिट रखने के लिए किसी भी व्यायाम कार्यक्रम को अपनाने का निर्णय हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह जीवनपर्यन्त निभाया जाने वाला कमिटमेंट होता है।
व्यायाम आपके जीवन में रच-बस जाना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे अन्य दैनिक दिनचर्या से जुड़ी आदतें रच-बस जाती हैं। जैसे आप सुबह दांत साफ करने से लेकर नहाने और फिर नाश्ते, भोजन तक की गतिविधियों को नियम से बगैर कोई प्रoA किए अंजाम देते हैं। ऐसे में व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अंग बनाने के लिए पहले पहल तो आपको उसके हानि-लाभ को समझना होगा। इसके बाद ही आप सफलता प्राप्त कर सकेंगे। किस तरह का, कितनी देर तक और कितना एक्टिव व्यायाम आप कर रहे हैं, यह निर्भर करता है कि आप व्यायाम से हासिल क्या करना चाहते हैं।
व्यायाम का समय
दिन की गतिविधियों को शुरू करने से पहले सुबह भोर में व्यायाम करना बेहतर रहता है। हालांकि महानगरीय जीवनशैली में शाम के नाश्ते से एक घंटा पहले भी व्यायाम किया जा सकता है।
व्यायाम के लाभ
* दिल शरीर में अधिक ऑक्सीजन और रक्त का संचार करता है।
* शरीर के ऊर्जावान रहने के साथ-साथ चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है।
* कम तनाव का सामना करते हुए आपको अच्छी नींद आती है।
* रक्तचाप और ब्लड शुगर संतुलित रहता है।
* शरीर की अतिरिक्त वसा खर्च होती है।
व्यायाम का तरीका
स्टेप 1- कड़ा व्यायाम शुरू करने से पहले 5 से 10 मिनट तक वार्मअप करें। इसके लिए तनाव रहित होकर जॉगिंग, वॉकिंग या साइक्लिंग की जा सकती है।
स्टेप 2- आरामदायक पोशाक और जूतों को पहन 20 से 30 मिनट तक कड़ा व्यायाम कीजिए।
स्टेप 3- जिस तरह व्यायाम शुरू करने से पहले वार्मअप किया था। ठीक उसी तरह बॉडी को कूल डाउन करें। यानी 5 से 10 मिनट तक तनाव रहित हो कर साइक्लिंग या जॉगिंग कीजिए। एक से अधिक तरह के व्यायाम करने से बोरियत नहीं आती। वैसे बोरियत से बचने के लिए आप व्यायाम करते हुए टीवी देख सकते हैं या संगीत भी सुन सकते हैं। दोस्तों के साथ या समूह में व्यायाम करने से भी अधिक लाभ मिलता है।
नियमित समयबद्ध व्यायाम के अलावा आप इसे भी अपनी आदतों में शुमार कर सकते हैं,
* लिफ्ट से चढ़ने-उतरने के बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें।
* पार्किग में अपनी गाड़ी दूर कोने में पार्क करें, जिससे आपको कुछ कदम चलना पड़े।
* घरेलू काम अधिकाधिक करें।
सुझाव
यानी स्वास्थ्य के लिहाज से सप्ताह में आधे से एक घंटे तक कड़ा व्यायाम करें। इससे दिल, फेफड़ों के साथ-साथ रक्तसंचार में सुधार आता है। कोशिश ऐसे व्यायाम करने की होनी चाहिए, जिसमें दिल को अपनी क्षमता से थोड़ा अधिक काम करना पड़े। इससे न सिर्फ दिल की क्षमता में इजाफा होता है, बल्कि उसकी क्षमता बढ़ने का फायदा पूरे शरीर को मिलता है। जो लोग कड़ा व्यायाम नहीं कर सकते हैं, वे भी बागवानी सरीखे कार्यो को शौकिया अंजाम दे अपने दिल की क्षमता को बढ़ा सकते हैं। खेलकूद से जुड़ने का लाभ भी दिल को ही मिलता है।