सीरीज में हार के बाद हमारा मनोबल नीचा होना स्वाभाविक है। हमारे लिए यह सीरीज काफी महत्वपूर्ण थी और हम अपनी योग्यता के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकामयाब रहे।
क्रिकेट में एकता होना आवश्यक है। हमारे भीतर टीम भावना का अभाव रहा है। हमारे बल्लेबाज कुछ विशेष परिस्थितियों में ही अच्छा खेले। उनका प्रदर्शन अनवरत रूप से शानदार नहीं रहा। मेरा खुद का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सभी को मुझसे बड़ी उम्मीदें थीं पर मैंने सभी को निराश किया। ऐसे में कोच व कप्तान की भूमिका मायने रखती है। अब जयपुर में हम जीतने की पूरी कोशिश करेंगे क्योंकि 3-2 स्कोर हमारे लिए सम्मानजनक है।