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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. युवती की लाश बुधवार को सुबह शिवानंदनगर-गोंदवारा के बीच रेलवे ट्रैक पर कई टुकड़ों में बंटी हुई मिली थी। उसकी पहचान सुषमा तिवारी (24) के रूप में हुई। अफसरों ने दावा किया कि हत्या उसके पति सतीश तिवारी (25) ने गला घोंटकर की तथा पहचान छिपाने के लिए शव पटरी पर फेंक दिया।
हत्या की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच काफी दिनों से अनबन थी। सतीश दीक्षानगर, गुढ़ियारी में रहता है। परिवार में केवल उसकी मां है। आठ महीने पहले उसका विवाह रायगढ़ में रहने वाली सुषमा से हुआ था।
शादी के बाद से ही उनके बीच अक्सर झगड़ा होता था, लेकिन मामला खून तक कैसे और क्यों पहुंचा, अभी इसका खुलासा होना बाकी है। सुषमा के परिजनों का आरोप है कि सतीश अपनी पत्नी पर मायके से दहेज लाने के लिए दबाव डालता था।
सुषमा ने साफ इनकार कर दिया था, इसलिए उनमें विवाद गहरा गया था। पुलिस ने इस बिंदु पर भी तहकीकात शुरु कर दी है। ऐसा पता चला है कि आरोपी कंप्यूटर आपरेटर है। उसके बारे में पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है। खमतराई पुलिस मामले की जांच कर रही है। बुधवार को सुबह लाश मिलने के बाद पुलिस ने आत्महत्या का केस मानकर मर्ग कायम किया था।
अफसरों ने बताया कि लाश को सुबह आस-पास रहनेवालों ने देखा था। पुलिस ने दोपहर तक आस-पास के लोगों से पूछताछ की लेकिन शव की पहचान नहीं हो पाई थी। लाश के जिस्म पर कपड़ा नहीं था। युवती के बाल भी उलझे हुए थे। इससे पुलिस को उसी दिन हत्या का शक हुआ था।
दहेज हत्या का जुर्म :
मृतिका सुषमा तिवारी के परिजनों की शिकायत पर आज शाम गुढ़ियारी थाने में उसके पति के खिलाफ दहेज हत्या का मामला कायम कर लिया गया। युवती के बिरगांव निवासी मौसरे भाई संतोष शर्मा तीन-चार रिश्तेदारों के साथ गुढ़ियारी थाने पहुंचे।
उन्होंने शादी के बाद से युवती को उसके पति और सास दुर्गा तिवारी द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उनकी इस शिकायत पर थाने में धारा 304-बी के तहत आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया गया।
अपहरण की कहानी गढ़ी
हत्या के रहस्य पर पर्दा डालने के लिए सतीश ने युवती के अपहरण की कहानी गढ़ डाली। मंगलवार की रात उसने सुषमा का कत्ल किया। खून करने के बाद पत्नी की लाश को बोरे में भरा और सूनसान इलाके से गुजरने वाली रेलवे पटरी पर ले जाकर फेंक दिया। उसके बाद बुधवार और गुरुवार को वह शांत बैठकर हत्या को छिपाने की साजिश रचता रहा।
शुक्रवार को उसने पत्नी के किडनैप होने की कहानी गढ़ी और शाम को अपनी मां के साथ गुढ़ियारी थाने पहुंच गया। थाने में उसने बताया कि उसकी पत्नी का सिमगा के पास अपहरण हो गया है। घटनास्थल सिमगा होने की बात सुनकर पुलिस ने उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया और सिमगा थाने जाने की नसीहत देकर छुट्टी पा ली।
सतीश आज दोपहर को सिमगा थाने पहुंचा और अपहरण की झूठी कहानी बतायी। उसने पुलिस को बताया कि गुरुवार को सुबह वह पत्नी के साथ नांदघाट में रहने वाले रिश्तेदार के यहां जाने के लिए निकला। रास्ते में युवती के बीमार नाना को देखने सिमगा में ही उतर गया।
बस स्टैंड के पास ही उन्हें लाठी-डंडे लेकर तीन चार युवकों ने घेरा। पिटाई में वह बेहोश होकर गिर पड़ा। कुछ देर बाद होश आया तो मौके पर पत्नी भी नहीं थी। वह उस दिन से अपनी पत्नी को तलाश कर रहा है।
पुलिस की सख्ती से टूटा
अपहरण की कहानी पर सिमगा टीआई एएस नकवी को शक हुआ। उन्होंने सतीश से पूछा कि इतने बड़े हादसे की सूचना युवती के नाना घर क्यों नहीं दी गई, तो वह गोल-मोल जवाब देने लगा और उसके चेहरे का रंग उड़ गया।
सतीश के चेहरे पर खरोंच के निशान देखकर टीआई का शक और गहरा गया। उन्होंने कड़ाई से पूछताछ शुरु कर दी। पुलिसिया फामरूले के सामने वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी सुना दी।