bhaskar Web English
HomeNewsChhattisgarhRaipur Raipur

छग का धान बाहर भेजने की तैयारी

रायपुर. राज्य शासन किसानों का धान खरीदकर एफसीआई को दे रहा है। एफसीआई इसी धान को बाहर भेजने जा रहा है। खबर है कि एफसीआई की पहली रैक कल महासमुंद में लगने वाली है। इससे धान गोंदिया भेजा जाएगा। पता चला है कि इसी तरह 12 रैक लगाने की अर्जी एफसीआई ने रेलवे को दी है। एक रैक में 24 हजार क्विंटल धान भेजा जाता है।

छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन ने एफसीआई के इस कदम का विरोध किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिलों की पर्याप्त कैपेसिटी है। ऐसे में धान बाहर भेजना समझ से परे है। राज्य में 1250 राइस मिलों को सालभर काम नहीं मिल पाता। इसके बावजूद यहां का धान बाहर भेजा जा रहा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

राइस मिलर्स ने रैक को लोड होने से रोकने का फैसला किया है। कल मिलरों का एक प्रतिनिधिमंडल महासमुंद रवाना हो रहा है। एसोसिएशन के महासचिव दिलीप अग्रवाल और सचिव प्रमोद जैन ने बताया कि वे रैक रोकने की हरसंभव कोशिश करेंगे। इसके अलावा एसोसिएशन ने एफसीआई के सीनियर रीजनल मैनेजर राकेश चतुर्वेदी तथा खाद्य सचिव डा. आलोक शुक्ला से बात कर इसका विरोध किया है।

मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह रायपुर से बाहर हैं, इस कारण उनसे राइस मिलरों की मुलाकात नहीं हो पाई। खाद्य राज्यमंत्री सत्यानंद राठिया से मिलने का भी उन्होंने प्रयास किया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

हालांकि श्री राठिया ने फोन पर दैनिक भास्कर से कहा कि राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब है, पिछले दिनों एफसीआई के सीएमडी रायपुर आए थे, तो राइस मिलरों ने उनके राज्य का धान बाहर नहीं भेजने का अनुरोध किया था। उन्होंने केवल आश्वासन दिया, उस पर अमल नहीं किया। इससे राइस मिलर नाराज हैं।

कानूनी रोक संभव नहीं
कानूनी तौर पर एफसीआई को धान बाहर भेजने से रोका नहीं जा सकता। राज्य शासन धान खरीदकर एफसीआई के हवाले कर देता है। एफसीआई उसका अपने हिसाब से उपयोग करने के लिए स्वतंत्र है। राइस मिलर व्यवसाय और यहां के मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए धान को बाहर भेजने का विरोध कर रहे हैं।

इधर, जिला पंचायत सदस्य राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि एफसीआई महाराष्ट्र के राइस मिलरों को उपकृत करने के लिए यहां का धान बाहर भेज रही है। इसमें भारी भ्रष्टाचार की आशंका है। अगर एफसीआई धान के बजाय चावल बाहर भेजे तो करीब 32 प्रतिशत परिवहन खर्च कम आएगा।

चैंबर का विरोध में प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स ने भी छत्तीसगढ़ का धान बाहर भेजे जाने का विरोध किया है। चैंबर की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया। चैंबर अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी और महासचिव देवेंद्र अग्रवाल की मौजूदगी में हुई बैठक में राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान बाहर भेजा गया तो राइस मिलों में संकट उत्पन्न हो जाएगा।

यहां के लोगों को रोजगार से वंचित होना पड़ेगा। इस पर चैंबर ने एफसीआई की योजना का विरोध करने का ऐलान किया। चैंबर के प्रादेशिक सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ और केंद्रीय रेलमंत्री लालू यादव को बुलाने पर विचार किया गया।

इसमें मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और लोक निर्माण राज्यमंत्री राजेश मूणत को भी आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में थोक बाजार को बाहर ले जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: