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फुंडहर में तनाव गहराया

रायपुर. मातर की रात जुए के पैसों के लेनदेन पर हुए बलवे के बाद से फुंडहर में तनाव कायम है और हालात विस्फोटक होने लगे हैं। पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए करीब ढाई सौ ग्रामीण आज ट्रैक्टर-मेटाडोर पर सवार होकर एसपी कार्यालय घेरने के लिए रायपुर पहुंच गए।

भनक लगते ही वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने अतिरिक्त फोर्स के साथ उन्हें कार्यालय पहुंचने से पहले ही एसआरपी चौक पर रोक लिया। ग्रामीणों ने बिना विरोध प्रदर्शन के वापस जाने से इनकार किया। प्रतीकात्मक प्रदर्शन की अनुमति मिलते ही भीड़ कंट्रोल रूम पहुंच गई।

वहां से लोग तब तक डटे रहे, जब तक उनका प्रतिनिधि मंडल अफसरों से चर्चा करके नहीं लौट गया। समझाने पर लोग गांव चले गए, लेकिन पुलिस के ढुलमुल रवैए के चलते उनकी समस्या का पुख्ता समाधान नहीं निकल सका।

रविवार की रात फुंडहर चौक पर जुआ खेलने के विवाद पर कुशाल नारंग नाम के युवक को दर्जनभर ग्रामीणों ने घेरकर पीटा था। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर देर रात तेलीबांधा थाने में जोगी निषाद, गोहा, गोकरण, तुका निषाद समेत 12 लोगों के खिलाफ बलवा का मामला कायम किया गया था।

इस मामले पुलिस की भूमिका से नाराज लोगों ने सोमवार को सुबह तेलीबांधा थाने का घेराव कर पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी जुर्म दर्ज करने की मांग की। तेलीबांधा पुलिस ने यह कहकर आरोपी पक्ष की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की कि सुलह की कोशिश की जा रही है।

आरोपों से भड़के लोग
पुलिस की मौजूदगी में पांच-छह दिन के भीतर दो-दो बार ग्रामीणों की बैठक हो चुकी है, जिसमें पीड़ित पक्ष की बयानबाजी से तनाव कम होने के बजाए और बढ़ गया। पीड़ित के पक्ष के प्रतिनिधि शिवलाल ढीढी ने बौखलाहट में उसके भाई राजेंद्र ढीढी की हत्या में ग्रामीणों पर शामिल होने का आरोप जड़ दिया। इतनी ही नहीं जाति सूचक गाली-गलौज करने का आरोप लगाकर कुछ ग्रामीणों के खिलाफ विशेष थाने में भी शिकायत कर दी।

सुलह की कोशिश :
कंट्रोल रूम में आज एएसपी सिटी डा. लाल उमेद सिंह, एएसपी क्राइम अजातशत्रु बहादुर सिंह और माना सीएसपी जीएस बांबरा ने दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों के साथ बातचीत कर तनाव कम करने की कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक शिवलाल ढीढी ने कबूल किया कि उसने आवेश में आकर ग्रामीणों के खिलाफ बयानबाजी की है, लेकिन गांव वाले उससे सार्वजनिक माफी और विशेष थाने से शिकायत वापस लेने की मांग पर अड़े हैं।





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