इंदौर. केईएच कम्पाउंड में शुक्रवार दिनदहाड़े कितनी राशि लूटी गई इसे लेकर पुलिस उलझन में है। पुलिस के सामने जो कहानी आई है उसके मुताबिक चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत डांगी के कर्मचारी 50 लाख रुपए ले जा रहे थे। बाकी 43 लाख रुपए किसके थे और किस काम के लिए भेजे जा रहे थे इसका खुलासा नहीं हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी जितेंद्र यादव व सहयोगी दीपक जैन के पास जो 50 लाख रुपए थे उनमें से 35 लाख जितेंद्र ने आगे रखे थे और 15 लाख पीछे दीपक के पास थे। बदमाश 15 लाख रुपए भरा बैग ले गए।
उसके बाद दोनों सीए के दफ्तर पहुंचे और 35 लाख रुपए रखकर रिपोर्ट लिखाने तुकोगंज थाने पहुंचे। फिर संयोगितागंज थाने गए और सात लाख रुपए की ही रिपोर्ट लिखवाई। टीआई अजय संगर के मुताबिक अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
डेढ़ माह पहले हुई थी झूठी शिकायत
डेढ़ महीने पहले दो लोगों ने संयोगितागंज थाने पहुंचकर ढाई लाख रुपए की लूट होने की शिकायत की थी। इस पर टीआई अजय संगर मौके पर पहुंचे लेकिन किसी ने भी लूट की पुष्टि नहीं की।
इसके बाद दोनों को थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की तो वे विरोधाभासी बयान देते रहे और मौका मिलते ही निकल गए। ऐसा ही मामला परदेशीपुरा में भी हुआ था जिसमें एक युवक ने तीन पुलिया के पास लूट की कहानी गढ़ी थी।