इंदौर. हीरानगर कांड के बाद निलंबित टीआई डी.पी. अहिरवार शनिवार को जेल भेजे गए। वहां जाने के आधा घंटे बाद फिर उनका पेट दुखा और अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। इस बीच उनकी ओर से सेशन कोर्ट में लगाई जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई संभव है।
शनिवार दोपहर 2.45 बजे जांच अधिकारी सीएसपी मनीष खत्री ने उन्हें प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एम.के. सैनी की अदालत में पेश किया। वहां पुलिस ने न्यायिक रिमांड मांगी तो बचाव पक्ष के वकील चंद्रशेखर रायकवार ने गंभीर बीमारी को देखते हुए जमानत देने का आग्रह किया। मामला क्षेत्राधिकार में नहीं से कोर्ट ने जमानत आवेदन खारिज कर दिया।
श्री रायकवार ने कोर्ट को बताया उन्हें ब्लड कैंसर है जिसे देखते हुए उन्हें जेल अफसरों की देखरेख में सीधे हॉस्पिटल भेजा जाए। सहा. अभियोजन अधिकारी विमलकुमार छाजेड़ ने पहले जेल भेजने की मांग की जो मान ली गई।
इसके बाद शाम करीब पांच बजे उन्हें जिला जेल भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक आधा घंटे बाद ही उन्हें पेटदर्द हुआ और अस्पताल ले जाया गया। जेलर जे.एस. रघुवंशी ने बताया जेल के डॉ. शमीम अवकाश पर थे।
उनकी सहायक मिल्टन को दिखाया तो उन्होंने एमवायएच ले जाने की सलाह दी। जेलर के मुताबिक कल ही उन्हें वहां भर्ती किया गया था इसलिए वहां के डॉक्टर उनकी हिस्ट्री से वाकिफ हैं। वे वार्ड-16 में भर्ती हैं।
हॉस्पिटल ले जाने की कोशिश
बचाव पक्ष के वकीलों ने श्री अहिरवार को जेल की बजाय सीधे हॉस्पिटल ले जाने की पूरी कोशिश की। श्री छाजेड़ के अनुसार उन्हें ब्लड कैंसर होने संबंधी पूरे दस्तावेज भी कोर्ट में नहीं रखे गए। कुछ फोटोकॉपी लगाई है जिनसे बात स्पष्ट नहीं होती।