इंदौर. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के अधिकारियों ने निगम इंजीनियरों को सलाह दी है कि रीवर साइड कॉरिडोर का प्रोजेक्ट पहले और फीडर रोड का बाद में पेश करें। यह मशविरा दूसरे चरण में प्रस्तावित 13 फीडर रोड पर चर्चा के लिए नई दिल्ली गए नगर निगम के दल को दिया जिसमें सिटी इंजीनियर हंसकुमार जैन, फीडर रोड प्रभारी अशोक राठौड़ व इंजीनियर सुनील गुप्ता शामिल थे।
श्री जैन ने बताया जेएनएनयूआरएम के अधिकारियों का कहना है ये सड़कें बीआरटीएस के एबी रोड पालयट कॉरिडोर व रिवर साइड कॉरिडोर से संबद्ध हैं इसलिए पालयट कॉरिडोर के बाद रिवर साइड कॉरिडोर प्रोजेक्ट प्राथमिकता से सबमिट करना चाहिए, फिर फीडर रोड प्रोजेक्ट सबमिट हो।
निगम अधिकारियों ने उन्हें बताया पायलट कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है पर रिवर साइड प्रोजेक्ट को राज्यस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी से मंजूरी मिलना बाकी है। हालांकि राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
बड़े कामों पर रहे ध्यान
जेएनएनयूआरएम अधिकारियों ने निगम से बड़े प्रोजेक्ट पर ज्यादा ध्यान लगाने को कहा। शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट, स्टॉर्म वाटर और कचरे से खाद बनाने का संयंत्र लगाने की योजनाएं भी लंबित हैं। कचरा निपटान संयंत्र के लिए एक दल केरल गया है। पहले दो बार टेंडर बुलाए थे लेकिन कंपनियों ने काम नहीं किया। तीसरी बार टेंडर बुलाएंगे।