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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. इतिहास गवाह है, जब भी देश के स्वाभिमान व आस्था के केन्द्रों पर आक्रमण हुए हैं, तब छात्र शक्ति ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। वर्तमान में देश के शहरों में छिपे बंगलादेश के घुसपैठियों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद खदेड़ने का काम कर रही है। उक्त उद्गार परिषद के राष्ट्रीय मंत्री व खुला अधिवेशन के मुख्य वक्ता विष्णुदत्त शर्मा ने व्यक्त किए।
अभाविप के 40 वें प्रांतीय अधिवेशन के कार्यक्रमों में महाराज बाड़ा पर आयोजित खुला अधिवेशन में श्री शर्मा ने वामपंथियों पर निशाना साधा। भगवान राम व कृष्ण के साथ-साथ हमारे पवित्र ग्रंथ रामायण व महाभारत को काल्पनिक बताया गया। यही नहीं 1857 में हुई आजादी की लड़ाई को गदर तक कह डाला। पाठ्यक्रम में चल रहे इतिहास को बदलने की जरूरत है। तभी नई पीढ़ी को इतिहास की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि देश के मान बिंदुओं पर आक्रमण युवा सहन नहीं करेंगे। देश के कई राज्यों में नक्सलवाद छा रहा है। नक्सलवाद किसकी देन है, यह पूरा देश अच्छी तरह जानता है। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम के मसले पर केन्द्र की यूपीए सरकार व मानव अधिकार आयोग सोया हुआ है। परिषद के प्रांत प्रमुख अंशुल श्रीवास्तव ने कहा कि देश में शिक्षा का व्यवसायीकरण हो चुका है।
आज आचार्यो का स्थान एकाउंटेंट्स ने ले लिया है। इस धंधे में नेता और व्यवसायी जुटे हुए हैं। भोपाल से आए पंकज शर्मा ने अफसोस जाहिर कर कहा कि युवा पीढ़ी हमारी संस्कृति से पथ भटक रही है। यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।
इंदौर से आईं रेणुका जोशी ने कहा कि भारतीय नारी को प्रचार माध्यमों ने प्रदर्शन की वस्तु बना दिया है। इसका विरोध छात्र शक्ति ही कर सकती है। कार्यक्रम का संचालन प्रांत मंत्री हितेश शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में मंचासीन प्रांताध्यक्ष डा.क्षितिज पुरोहित, प्रांत सहमंत्री संजय कौरव, महानगर अध्यक्ष नीतेश शर्मा, मंत्री शिवसिंह, छात्र नेता भानु तोमर आदि उपस्थित थे।
अभाविप की शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रांतीय अधिवेशन के दूसरे दिन शोभायात्रा का आयोजन किया जिसका जगह-जगह शहर के गणमान्य नागरिकों ने आत्मीय स्वागत किया। शोभायात्रा में परिषद के 32 जिलों के करीब आठ सैकड़ा से अधिक प्रतिनिधि शामिल थे।
परिषद के प्रतिनिधियों की शोभायात्रा का शुभारंभ शनिवार की शाम अधिवेशन स्थल, एमएलबी महाविद्यालय परिसर से हुआ। भारत माता के जयकारों से गुंजायमान नारों और केशरिया ध्वज लिए कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ शोभायात्रा में शामिल थे।
प्रतिनिधियों के हाथों में तख्तियां भी थीं जिन पर देश प्रेम के स्लोगन व विद्यार्थी परिषद के उद्देश्य लिखे थे। प्रतिनिधि, विभागवार व क्रमबद्ध होकर पूर्ण अनुशासन के साथ चल रहे थे। सबसे आगे परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. क्षितिज पुरोहित, प्रांतीय मंत्री हितेश शुक्ला, राष्ट्रीय छात्रा प्रमुख गीता गुंडे, राष्ट्रीय मंत्री विष्णुदत्त शर्मा सहित प्रमुख पदाधिकारी चल रहे थे।
शोभायात्रा के आत्मीय स्वागत के लिए शहर के गणमान्य नागरिकों व व्यापारियों ने अचलेश्वर महादेव मंदिर से लेकर महाराज बाड़े तक तोरणद्वार सजाए थे। शोभायात्रा का इंदरगंज चौराहा सहित सराफा बाजार, डीडवाना ओली से लेकर महाराज बाड़े तक विभिन्न स्थानों पर गणमान्य नागरिकों ने फूलमालाओं से अभिनंदन किया।
नागरिकों ने परिषद की देशप्रेम की भावना को सराहा। महाराज बाड़ा पहुंचकर शोभायात्रा खुले अधिवेशन में तब्दील हो गई जहां वक्ताओं के भाषण हुए। शोभायात्रा में महानगर अध्यक्ष नितेश शर्मा, अनुपम शर्मा, कुलदीप शर्मा, संजय कौरव, शिव सिंह यादव आदि भी शामिल थे।