भोपाल. बीएसएनएल का मोबाइल एक्सचेंज ठप क्या हुआ, राजधानी के बाशिंदों की जिंदगी थम गई। संपर्क टूट जाने से लोग परेशान होते रहे। देर रात तक मोबाइल फोन शुरू नहीं होने से वरिष्ठ अधिकारियों सहित आम लोग भी इस समस्या से जूझते रहे। खासतौर पर देर से घर पहुंचने वालों के परिजन परेशान हुए।
शनिवार को सुबह साढ़े 11 बजे बीएसएनएल के मोबाइल जो बंद हुए, तो देर रात तक चालू नहीं हुए। किसी भी व्यक्ति को काल करने पर इंस्ट्रुमेंट पर ‘कनेक्शन एरर’ का मैसेज आ रहा था। कुछ देर तक तो लोग इसे नेटवर्क की साधारण सी समस्या समझते रहे, लेकिन जब एक-दो घंटे तक मोबाइल नहीं लगे, तो लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गईं।
प्रशासन के अधिकतर वरिष्ठ अधिकारियों के पास बीएसएनएल का मोबाइल होने से उन्हें और उनके मातहत कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्रिस्प में डिप्टी मैनेजर संदीप सरसे ने बताया कि उनके पास एक निजी कंपनी का मोबाइल है, लेकिन जिन साथियों के पास बीएसएनएल कनेक्शन है, उनसे संपर्क नहीं होने से उन्हें एक जरूरी मीटिंग की सूचना नहीं मिल सकी।
आर्किटेक्ट शैलेंद्र बागरे ने बताया कि दिन भर उनके मोबाइल की घंटी नहीं बजी। जब कुछ मित्रों के फोन आफिस के लैंडलाइन नंबर पर आए, तब उन्हें पता चला कि मोबाइल नेटवर्क में कुछ समस्या है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और मीडियाकर्मियों को भी एक्सचेंज ठप होने से भारी परेशानी हुई। मोबाइल फोन पर बात नहीं होने से शहर में घटनाओं व दुर्घटनाओं की सूचना की पुष्टि नहीं हो पा रही थी।
शाहपुरा में रहने वाले राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि वे यह समझ रहे थे कि उनके इंस्टृूमेंट में कोई समस्या हो गई है। काफी देर बाद जब अन्य लोगों के मोबाइल में भी यह समस्या है। अरेरा कालोनी निवासी गृहिणी अमिता मिश्रा ने बताया कि उनके पति जब देर तक घर नहीं लौटे, तो उन्हें चिंता होने लगी। जब वे घर आए तब उन्हें समझ में आया कि नेटवर्क में दिक्कत थी।
रात में हुआ कुछ सुधार
कंपनी अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड होने से अरेरा मोबाइल एक्सचेंज ठप हो गया, जबकि रायल मार्केट पर लगा एक्सचेंज चालू हालत में था। लेकिन अधिकारियों के पास इस सवाल का जवाब नहीं था कि केवल एक एक्सचेंज ठप होने से पूरे शहर के मोबाइल कैसे बंद हो गए?
रात दस बजे के आसपास एक्सचेंज की खराबी दूर होनी शुरू हुई। कुछ मोबाइल फोन से आउटगोइंग काल तो हो रहे थे परंतु इनकमिंग की सेवा ठप थी। खबर लिखे जाने तक एक्सचेंज पूरी तरह चालू नहीं हो पाया था।
फ्रांस के इंजीनियरों से सलाह लेनी पड़ी-कंपनी सूत्रों के अनुसार एक्सचेंज के ठप होने पर स्थानीय अधिकारियों ने पुणो में वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। एक्सचेंज बनाने वाली अल्काटेल कंपनी के इंजीनियरों को भी तत्काल बुला लिया गया।
इसके बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पुणो के अधिकारियों ने अल्काटेल के मुख्यालय फ्रांस संपर्क किया। वहां से मिली सलाह की जानकारी भोपाल के अधिकारियों को दी गई।