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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा अभिकरण (क्रेडा) द्वारा 1 करोड़ 85 लाख की लागत से अरपा नदी के किनारे राजकिशोरनगर में एनर्जी एजुकेशन पार्क बनाया जा रहा है। राज्य शासन ने पार्क बनाने के लिए क्रेडा को आठ महीने का समय दिया है। तय समय सीमा के भीतर पार्क का कार्य पूरा करने के निर्देश मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है।
ले-आउट करने के पश्चात दीवाली के बाद अब पार्क के लिए जमीन की जुताई की जा रही है, उसके बाद वहां पौधे लगाए जाएंगे। हालांकि जिस ढंग से पार्क बनाने की प्लानिंग की गई है, उसके मुताबिक आठ महीने में इसका बन पाना मुश्किल लग रहा है।
साढ़े दस एकड़ में बनाए जा रहे इस पार्क में बच्चों को ऊर्जा के संबंध में शिक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न उपकरण लगाए जाएंगे। पहले चरण में बच्चों के लिए गेम जोन, सोलर कुटीर, सोलर शाप, इंडोर एग्जीबिशन, पवन चक्की, सोलर गैस संयंत्र, बायोमास गैसी फायर, हाई ड्रम आदि बनाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि एनर्जी पार्क को बनाने के लिए बड़ी ही गंभीरता से प्लानिंग की गई है और इसे रायपुर व कबीरधाम कवर्धा के पार्क से बेहतर बनाने के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा है। स्कूली बच्चों को ऊर्जा के प्रति जागरूक करने व उन्हें खेल-खेल में ऊर्जा का महत्व समझाने के लिए बनाए जा रहे इस पार्क में कांफ्रेंस हाल भी बनाया जाएगा, जहां बच्चे ऊर्जा संरक्षण के संबंध में आयोजित सेमिनारों में भाग ले सकेंगे।
सौर ऊर्जा से चलेगी नाव: एनर्जी एजुकेशन पार्क के बीचोंबीच एक कृत्रिम नदी बनाई जाएगी, जिसमें सौर ऊर्जा से चलने वाली नाव में बच्चे सवार हो सकेंगे। नदी के लिए दो तीन स्टापेज बनाए जाएंगे, जहां नाव रुकेगी और उसमें सवार यात्री बच्चे वहां इच्छा होने पर रुक सकेंगे।
सोलर कुटीर होगा आकर्षण
सोलर कुटीर में होंगे 2-3 कमरे
पूर्णत: प्राकृतिक आवास होगा।
दिन में सूर्य की तो रात में सौर ऊर्जा से रोशनी।
तीन खास खिड़कियां लगेंगी।
सोलर कुटीर के चारों तरफ गार्डन
सोलर प्रेसिव आर्किटेक्चर का उदाहरण।
ठंड के दिनों में गर्मी, गर्मी के दिनों में रहेगी ठंडकता।
प्रदेश में सबसे अलग होगा सोलर कुटीर।