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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आरपी मंडल ने शनिवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में 5 जिलों के पीएमजीएसवाय के अफसरों को सड़क निर्माण के पेंडिंग कार्य मार्च 2008 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाय के अंतर्गत केंद्र ने मौजूदा वित्त वर्ष में सड़क निर्माण के लिए 2000 करोड़ रुपए दिए हैं।
इसी प्रकार नक्सल प्रभावित 5 आदिवासी जिलों में सड़क निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपए और प्राप्त होंगे। श्री मंडल ने बिलासपुर, जांजगीर, कोरबा, कवर्धा, रायगढ़ जिले के ईई, एसई तथा जिला पंचायत के सीईओ को केंद्र से प्राप्त राशि का सड़क निर्माण में सक्षमता से उपयोग करने के लिए पेंडिंग कार्य तेजह से निपटाने कहा है।
बैठक में सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को भी बुलाया गया था। यह पहला मौका था, जब अफसरों की बैठक में ठेकेदारों को बुलाकर सड़क निर्माण के मार्ग में आने वाली बाधाओं के विषय में पूछा गया।
पंचायत सचिव ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए पूर्व से स्वीकृत सड़क निर्माण के कार्य जिनके अनुबंध की अवधि भले ही जून-जुलाई 2008 है, उन्हें मार्च 2008 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया है, ताकि केंद्र से प्राप्त नई स्वीकृतियों का उपयोग किया जा सके।
जिले में 175 करोड़ के कार्य जारी:
पंचायत सचिव ने ‘दैनिक भास्कर’ को दूरभाष पर बताया कि अकेले बिलासपुर जिले में इस वर्ष 175 करोड़ रुपए के सड़क निर्माण के कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में खनिज या वन विभाग से अनुमति आदि संबंधी परेशानियों के हल के लिए सीईओ से संपर्क करने कहा गया है।
जिले में इस समय जीटू लेवल याने की डब्ल्यूबीएम स्तर तक के कार्य पूर्णता की ओर हैं। इसके बाद डामरीकरण का अंतिम कार्य होना है। केंद्र से 5 आदिवासी जिलों को सड़क निर्माण के लिए 1000 करोड़ मिलने हैं, उनमें सरगुजा सहित बस्तर, कांकेर, राजनांदगांव एवं दंतेवाड़ा जिला शामिल है।
बाहर से ठेकेदार बुलाए जाएंगे.
बैठक से छनकर आई खबरों के मुताबिक पंचायत सचिव ने ठेकेदारों से कहा है कि नई स्वीकृति के कार्य प्राप्त करने के लिए वे पुराने कार्य त्वरित गति से गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। आने वाले समय में जो 3000 करोड़ रुपए के कार्य होने हैं, उसके लिए ठेकेदारों को पेंडिंग कार्य निपटाना ही होगा। ठेकेदारों ने समय पर निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया, तो नए निर्माण के लिए बाहर से ठेकेदार बुलाए जा सकते हैं।
दोबारा बन रही मोपका रोड
राजकिशोरनगर से मोपका के बीच बनने के तुरंत बाद ही क्रेक हो गए कांक्रीट रोड को दोबारा बनवाया जा रहा है। यह मामला विधानसभा में उठने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने सड़क को नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए थे।
चांटीडीह पेट्रोल पंप से मोपका तक खराब हो चुकी सड़क को लोक निर्माण विभाग द्वारा कांक्रीट का बनाया जा रहा है। बनने के कुछ दिन बाद ही सड़क में दो जगह दरार आ गई थी। राजकिशोरनगर से मोपका के बीच दो जगह पर क्रमश: 50 मीटर और 30 मीटर की लंबाई में सड़क धंसकर फट गई थी। विभाग ने इसकी वजह कांक्रीट सही तरीके से जम न पाने और मिट्टी बठने को बताई थी। इसके बाद से ही सड़क पर आवागमन खतरनाक माना जा रहा था।
विभाग ने दो दिन पहले सड़क का निर्माण शुरू कराया है। इसके तहत जितने हिस्से में दरार आई है, उसके कांक्रीट को तोड़कर निकाला जा रहा है। इसके बाद छड़ों के स्लैब ढालकर इसमें लगाए जाएंगे और पूरे रोड को नए सिरे से बनाया जाएगा। मामले में ठेकेदार की गलती मानते हुए उसका 80 मीटर निर्माण कार्य का भुगतान भी रोक दिया गया था। सड़क के दोबारा निर्माण में होने वाला खर्च भी ठेकेदार को ही वहन करना पड़ेगा।
इसके साथ ही हफ्ते भर बाद चांटीडीह पेट्रोल पंप से देवनंदननगर के आगे तक दूसरी तरफ के कांक्रीट रोड का निर्माण भी शुरू किया जाएगा। अब तक एक ही तरफ की सड़क बनने और पुलिया का निर्माण पूरा न होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
गौरतलब है कि लगभग साल भर पहले इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। बनने के दौरान ही सड़क पर कई जगहों पर लंबाई में दरारें आ गईं थीं। इस मामले को विधायक धर्मजीत सिंह ने विधानसभा में उठाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाया था। इसके बाद शासन ने इसे दोबारा बनाने के निर्देश दिए थे।