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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. शासन द्वारा राशि स्वीकृत न करने की वजह से सकरी-तुरकाडीह बाइपास रोड साल भर से अधर में लटका है। इस रोड के न बन पाने से रायपुर रोड और इंदिरा पुल पर यातायात का दबाव कम नहीं हो पा रहा है।
सकरी-तुरकाडीह बाइपास रोड बनाने के लिए साल भर पहले से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस बीच पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के माध्यम से इस रोड पर पुल का निर्माण कर लिया गया, लेकिन पुल के दोनों ओर के एप्रोच रोड सहित सात किलोमीटर बाइपास रोड का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
इस बाइपास रोड के लिए लोक निर्माण विभाग से नौ करोड़ 20 लाख रुपए का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है, लेकिन शासन द्वारा इस ओर तवज्जो न देने से रोड का निर्माण अब तक शुरू भी नहीं हो पाया है। यह बाइपास रोड सकरी, हाफा, लोखंडी होते हुए तुरकाडीह तक बनाया जाना है।
इससे रायपुर से कोरबा, अंबिकापुर की ओर चलने वाली बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों को रायपुर रोड और नेहरू चौक तक नहीं आना पड़ेगा, बल्कि ये वाहन तिफरा से पहले ही रतनपुर रोड पर निकल जाएंगे।
इससे तिफरा, रायपुर रोड, जरहाभाठा मुख्य मार्ग, नेहरू चौक और इंदिरा पुल पर भारी वाहनों का आवागमन काफी हद तक कम हो जाएगा। कोरबा या अंबिकापुर की ओर जाने वाली बसें भी इंदु चौक से सीधे रायपुर रोड पर निकल जाएंगी।
यह बाइपास रोड न बन पाने से वर्तमान में रायपुर रोड से इंदिरा पुल और सरकंडा में महामाया चौक तक लगातार हैवी ट्रैफिक बना रहता है। इस वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी, ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं का अक्सर सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा लगातार भारी वाहनों के आने-जाने से सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। हाईकोर्ट ने कुछ मामलों की सुनवाई के दौरान रायपुर रोड पर यातायात दुरुस्त करने के लिए शहर के आसपास बन रहे बाइपास मार्गो को बनवाने के निर्देश भी दिए हैं लेकिन जब तक शासन से राशि स्वीकृत नहीं हो जाती, इन मार्गो का बन पाना संभव नहीं है।
बाइपास बिना इंदिरा पुल की मरम्मत नहीं
एसईसीएल द्वारा इंदिरा पुल मुख्य तौर पर अरपा के दोनों ओर रहने वालों के आवागमन की समस्या दूर करने के लिए बनवाया गया था, लेकिन भारी वाहनों की वजह से इस पुल की सड़क बनने के बाद से ही कमजोर पड़ चुकी है।
इसकी वजह बताई जा रही है कि जल्दबाजी में पुल को आवागमन के लिए ओपन करने के कारण इसका वियरिंग कोट कमजोर पड़ गया है। पीडब्ल्यूडी द्वारा पिछली बार कराई गई मरम्मत के कुछ दिन बाद ही पुल गड्ढों में तब्दील हो गया था।
इस बार पूरे पुल की सड़क का डामरीकरण कराया गया है, लेकिन वियरिंग कोट बदले बिना इसके टिक पाने की उम्मीद कम ही है। इसके लिए पुल पर कुछ महीनों तक आवागमन बंद रखना पड़ेगा। तुरकाडीह बाइपास रोड बनने पर ही यह काम हो पाना संभव है।