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दुबई से आए दो करोड़ के जाली नोट

बीकानेर. दुबई से करीब दो करोड़ के जाली नोट तस्करी के जरिये भारत में भेजे गए। अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम और आफताब बटकी के लिए काम करने वाले जाली नोटअनिल सोनी उर्फ इकबाल ने दिल्ली व राजस्थान पुलिस के समक्ष पूछताछ के दौरान इसका खुलासा किया है।

दाऊद के शूटर ने पुलिस को बताया है कि आफताब बटकी के कहने पर वर्ष, १९९९-२क्क्क् में उसने जाली नोटों का धंधा शुरू किया। आफताब दुबई से भारत आने वाले यात्रियों के साथ इलेक्ट्रोनिक सामान के सर्किट में 500-500 के जाली नोट भेजा करता था। दिल्ली में संतु पंजाबी और सलीम से जाली नोटों का लेनदेन होता था। सलीम के पास नोट चेंज करने का लाइसेंस भी था।

अनिल ने पुलिस को बताया है कि जाली नोटों के करीब दो खोखे (दो करोड़ रुपए) दुबई से भारत में भेजे गए। वर्ष, २क्क्क् में दिल्ली पुलिस और वर्ष, २क्क्१ में जयपुर पुलिस ने जाली नोटों के मामले में अनिल व उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार कर करीब ५क् लाख रुपए के नकली नोट बरामद भी किए थे।

गौरतलब है कि बीकानेर केन्द्रीय कारागृह के कैदी अनिल सोनी उर्फ इकबाल को पिछले दिनों तारीखपेशी पर चालानी गार्ड के पुलिसकर्मी दिल्ली ले गए थे। वहां से वापस लौटते समय अनिल पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस ने उसे संगम विहार एरिया में गिरफ्तार किया। बाद में बीकानेर पुलिस उसे गिरफ्तार कर लाई और रिमांड पर लेकर पूछताछ की। अनिल अब केन्द्रीय कारागृह में है।

यूं आते थे दुबई से जाली नोट- दुबई से भारत आने वाले यात्रियों के साथ इलेक्ट्रोनिक समान भेजा जाता था जो अनिल ले लेता था। इलेक्ट्रोनिक सामान के सर्किट में बड़ी चतुराई से 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां छिपाई जाती थी। नोटों को पहले काली पोलीथिन में डालकर उस पर काला कार्बन पेपर लगाया जाता था। बाद में काली टेप से चिकपा दिया जाता था। सामान चेक करने वालों को नोटों के बारे में पता नहीं चलता था।

ऐसे चलाते थे जाली नोट- अनिल व उसके साथी जाली नोटों के जरिये महंगे हवाई टिकट या रेल टिकट खरीदते फिर उन टिकटों को रद्द करवाकर असली नोट हासिल कर लेते थे। बैंकों में लेनदेन,100 रु. का सामान खरीदकर 400 रु. दुकानदार से लेकर तथा मौज-मस्ती के दौरान खर्च कर जाली नोट बाजार में चलाते थे।





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