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तीन इओ सहित पांच मुअत्तल

किशनगढ़. हाइकोर्ट के सख्त रवैये के बाद स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ओपी हर्ष ने किशनगढ़ नगर पालिका के तीन पूर्व अधिशाषी अधिकारियों व दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्य में कोताही व अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है।

निलंबित किए गए किशनगढ़ नगरपालिका के पूर्व अधिशाषी अधिकारी लक्ष्मीनारायण चौधरी वर्तमान में लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी पद पर नियुक्त हैं। चौधरी पर आरोप है कि उन्होने किशनगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान अतिक्रमियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी प्रकार निलंबित किए गए पूर्व अधिशाषी अधिकारी दिनेश पारीक वर्तमान में डीडीआर कोटा में कार्यरत हैं। पारीक को अपने कार्यकाल में राजवीर होटल प्रकरण में दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है।

निलंबित पूर्व अधिशाषी अधिकारी गोविंद नारायण शर्मा वर्तमान में अधिशाषी अधिकारी अंता के पद पर कार्यरत हैं। शर्मा को अपने किशनगढ़ के कार्यकाल में राजवीर होटल प्रकरण व मझेला रोड स्थित भागचंद गुर्जर के अतिक्रमण मामले में दोषी ठहराया गया है। इसके अलावा उन्हें पार्षद धन्ना यादव को बिना कागजात भवन निर्माण स्वीकृति का भी दोषी माना गया है।

स्वायत्त शासन विभाग ने नगरपालिका की बिजली शाखा के प्रभारी देवकरण गुर्जर को वित्तीय अनियमितता बरतने और बिजली ठेकेदार को गलत भुगतान का दोषी ठहराते हुए निलंबित किया है। कार्यालय अधीक्षक रतन लाल शर्मा को राजवीर होटल प्रकरण व फतेहलाल नगर के एक ही भूखंड के दो पट्टे जारी करने के मामले में दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है।

यह हैं सात आरोप
1. जयपुर रोड पर निर्माणाधीन राजवीर होटल की भूमि पालिका सीमा में है। इसके बावजूद उक्त भूमि को पेराफेरी क्षेत्र का बताकर पालिका को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। भास्कर की खबर के बाद पालिका ने दस लाख वसूल किए।
2. मझेला रोड पर स्थित पालिका की भूमि पर भागचंद गुर्जर का अतिक्रमण नहीं हटाना।
3. पालिकाध्यक्ष गुर्जर ने मार्बल एरिया में स्थित आवासीय भूमि पर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण करवाया।
4. फतेहलाल नगर के भूखंड संख्या 126, 127 व 128 के डबल पट्टे जारी करना।
5. प्रत्येक माह नगर पालिका की साधारण सभा की बैठक आहूत नहीं करना।
6. पालिका की विभिन्न समितियां का गठन नहीं करना
7. रेलवे क्षेत्र में पुलिया निर्माण की एनओसी जारी करना।

हाइकोर्ट में मामला..
स्वायत्त शासन विभाग ने पिछले दिनों आदेश जारी कर किशनगढ़ पालिकाध्यक्ष जगदीप गुर्जर को निलंबित कर दिया था। इस आदेश को पालिकाध्यक्ष गुर्जर ने हाइकोर्ट में चुनौती दी थी। हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान डीएलपी के शासन सचिव मंजीतसिंह की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया कि जिन आरोपों में पालिकाध्यक्ष गुर्जर को निलंबित किया गया है उनमें पालिका के अधिकारी व कर्मचारी भी दोषी हैं। हाइकोर्ट ने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही तलब कर पालिकाध्यक्ष के निलंबन आदेश के खिलाफ स्टे जारी किया था।

उधर, पालिकाध्यक्ष गुर्जर ने कोर्ट के समक्ष अपने स्पष्टीकरण में कर्मचारियों व अधिकारियों को दोषी ठहराया था। उक्त मामला हाइकोर्ट में विचाराधीन है।





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