जोधपुर. बहुचर्चित अफीम मनुहार मामले की जांच के लिए सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने ‘रियाण’ में तैनात पुलिसकर्मियों को ही गवाह बना लिया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों के एस्कॉर्ट, यातायात व्यवस्था और अन्य ड्यूटी के लिए तैनात 20 पुलिसकर्मियों के बयान कलमबद्ध किए जा चुके हैं।
शनिवार को सीआईडी की टीम ने अफीम मनुहार की शिकायत करने वाले महामंदिर, जोधपुर निवासी एडवोकेट ओमप्रकाश विश्नोई के बयान भी दर्ज किए। यह टीम समारोह में शामिल अन्य मेहमानों से भी पूछताछ करेगी। राज्यसभा में प्रतिपक्ष नेता और पूर्व विदेश मंत्री जसवंतसिंह की ओर से उनके गांव जसोल (बाड़मेर) में गत 31 अक्टूबर को आयोजित रियाण में कथित अफीम मनुहार की जांच के लिए क्राइम ब्रांच ने शनिवार को सात पुलिसकर्मियों, दो एएसआई व एक सब इंस्पेक्टर के बयान कलमबद्ध किए।
बाड़मेर से क्राइम ब्रांच के एसपी प्रफुल्ल कुमार टीम के साथ दोपहर बाद जोधपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कथित अफीम मनुहार के खिलाफ आवाज उठाने वाले ओमप्रकाश विश्नोई के बयान लिए। विश्नोई ने इस्तगासा में लगाए गए इन आरोपों को बयान में दोहराया कि रियाण कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मंत्रियों व भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अफीम सेवन किया था।
प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि विश्नोई के बयान के आधार पर अब आगे जांच की जाएगी। साथ ही, अखबारों में छपी खबरों व चित्रों के आधार पर रियाण कार्यक्रम में शामिल मेहमानों को चिह्न्ति किया जा रहा है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। शुक्रवार को क्राइम ब्रांच ने समारोह में तैनात बालोतरा थानाधिकारी व दस पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ ही मौका नक्शा बनाया था।
कोई दबाव नहीं
एसपी प्रफुल्ल कुमार से बातचीत:
* क्या जसवंतसिंह से भी पूछताछ होगी?
जांच अभी इस स्तर पर नहीं पहुंची है। जरूरत पड़ने पर जसवंतसिंह व अन्य मंत्रियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
* क्या आपके ऊपर कोई दबाव है?
नहीं, किसी तरह का प्रेशर नहीं है।
* दो दिन में जांच कहां तक पहुंची है?
यह अभी प्रारंभिक चरण है। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। साथ ही घटना वाले दिन वहां मौजूद सरकारी कर्मचारियों व अन्य लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। तथ्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
* भास्कर : रियाण परंपरा के बारे में आपका क्या मानना है?
एसपी : अफीम की मनुहार के बारे में सामाजिक परंपरा की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे जांच में सहूलियत होगी।