पाली. देसूरी विधायक लक्ष्मी बारूपाल और जिला प्रमुख ममता मेघवाल के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी शनिवार को हाथापाई तक पहुंच गई। दोनों की पार्टी
भी एक ही है- भाजपा। ममता मेघवाल ने लक्ष्मी बारूपाल और उनके पति के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया है। जांच सीआईडी को सौंपी गई है। यह घटना खूनी गुड़ा गांव की है जो पाली से लगभग 25 किमी दूर है।
हुआ यूं कि मेघवाल समाज के एक कार्यक्रम में दोनों ने साथ- साथ शिरकत की तथा भाषण भी दिया। भाषणबाजी के दौरान ही वे उलझ पड़ीं। गुड़ा एंदला थाने में ममता मेघवाल ने विधायक लक्ष्मी बारूपाल और उनके पति के खिलाफ राजकार्य बाधित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार मेघवाल समाज के उस कार्यक्रम में बालिका शिक्षा को बढ़ावा और बाल विवाह पर प्रतिबंध जैसे मसले पर चर्चा हो रही थी। दोनों जनप्रतिनिधियों के समर्थक भी वहीं मौजूद थे। दिन में करीब साढ़े बारह बजे जिलाप्रमुख ममता मेघवाल अपना भाषण दे रही थीं। उसी समय किसी ने टोकाटोकी की। इससे जिला प्रमुख नाराज हो गई और विधायक के पति भंवरलाल बारूपाल, जो उनके निजी सहायक भी हैं, से उनकी कहासुनी हो गई।
इस बीच विधायक बारूपाल से भी उनकी नोकझोंक हुई। बात बिगड़ गई और दोनों के बीच धक्कामुक्की और हाथापाई होने लगी। वहां मौजूद समाज के लोगों ने किसी तरह बीच बचाव कर दोनों को अलग किया। इसके बाद माहौल और गर्मा गया और दोनों ओर से काफी देर तक आरोप- प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। समाज के प्रबुद्ध लोगों ने किसी तरह समझाइश कर दोनों को शांत कराया।
मैं समाज के कार्यक्रम में भाग लेने खूनी गुड़ा में गई थी। जिला प्रमुख ने बदसलूकी की,जिससे कहासुनी हुई। हाथापाई भी हुई। इसकी शिकायत मैं प्रदेश संगठन में करूंगी।
—लक्ष्मी बारूपाल, विधायक, देसूरी
समाज के कार्यक्रम में बोल रही थी। विधायक के पति ने टोकाटोका की। मैंने विरोध किया तो विधायक हाथापाई पर उतर आईं। उन्होंने मुझे धमकी भी दी।
—ममता मेघवाल, जिलाप्रमुख, पाली